झांसी-कानपुर हाईवे पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद (21) और उसके दोस्त सोनू (24) की मौके पर ही मौत हो गई। गुरुवार देर रात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों के शवों का पोस्टमार्टम संपन्न कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, तेज रफ्तार कार के डिवाइडर से टकराने के कारण अबान के सिर में गंभीर चोटें आईं और आंतों को भारी नुकसान पहुंचा, जिससे उसकी मौके पर ही सांसें थम गईं। घटना के बाद से ही प्रयागराज से लेकर झांसी तक पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर हैं। अबान का अंतिम संस्कार प्रयागराज स्थित कसारी-मसारी कब्रिस्तान में करने की तैयारी चल रही है।
झांसी जेल में बंद भाई अली से मिलने जा रहे थे, पूंछ के पास बेकाबू होकर टकराई क्रेटा
जानकारी के मुताबिक, अबान अपने साथियों के साथ झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मुलाकात करने जा रहा था। इसी दौरान पूंछ थाना क्षेत्र के ग्राम खिल्ली के पास उनकी तेज रफ्तार क्रेटा कार (UP70 FW2432) अनियंत्रित होकर सीधे डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी भयानक थी कि गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। कार अतीक की मौसेरी बहन के दामाद मोहम्मद जैद की थी, जो खुद गाड़ी चला रहा था। फ्रंट सीट पर अबान बैठा था, जबकि पीछे सोनू, उमर अहमद (18) और फारुक अहजम (28) मौजूद थे। हादसे में जैद, उमर और फारुक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। कार की तलाशी के दौरान पुलिस को ‘The Stationery Shop of Tehran’ और ‘The Idiot’ नाम की दो पुस्तकें तथा एक सिगरेट की डिब्बी बरामद हुई है।
कसारी-मसारी कब्रिस्तान में शाम को सुपुर्द-ए-खाक की संभावना, भारी पुलिस बल तैनात
अबान के शव को प्रयागराज लाकर शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किए जाने की संभावना है। इसी कब्रिस्तान में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के अलावा एनकाउंटर में मारे गए असद की भी कब्र है। अंतिम संस्कार के दौरान किसी भी संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति या भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कब्रिस्तान और आसपास के पूरे चकिया इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी की तैनाती कर दी गई है।
50 हजार की इनामी शाइस्ता परवीन के सरेंडर पर सस्पेंस, जेल में बंद भाई भी नहीं आ सकेंगे
अबान के अंतिम संस्कार के दौरान सबसे बड़ा सवाल उसकी मां शाइस्ता परवीन की मौजूदगी को लेकर खड़ा हो गया है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद से शाइस्ता परवीन पिछले सवा तीन साल से फरार चल रही है और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है। यूपी एसटीएफ लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही है। माना जा रहा है कि गिरफ्तारी के डर से उसके आने की संभावना बेहद कम है। वहीं, लखनऊ और झांसी जेल की हाई-सिक्योरिटी बैरकों में बंद बड़े भाई उमर और अली को भी जनाजे में शामिल होने की इजाजत नहीं मिल सकी है। ऐसे में केवल चौथे नंबर का भाई अहजम ही अंतिम संस्कार में मौजूद रह सकता है।
अतीक की तरह अबान को भी था विदेशी कुत्तों का शौक, पुलिस की हर गतिविधि पर नजर
स्थानीय लोगों के अनुसार, अतीक अहमद को विदेशी नस्ल के महंगे कुत्ते पालने का काफी शौक था और पिता का यही शौक सबसे छोटे बेटे अबान में भी देखने को मिलता था। अतीक के जेल जाने के बाद अबान ही घर में मौजूद कुत्तों की देखभाल और उनके खाने-पीने का जिम्मा संभालता था। फिलहाल, झांसी पुलिस सड़क दुर्घटना के तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है, तो दूसरी तरफ प्रयागराज पुलिस अंतिम संस्कार की सुरक्षा व्यवस्था और अतीक परिवार से जुड़े फरार सदस्यों की हर संभावित हलचल पर कड़ी निगरानी रख रही है।












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