पुणे। महाराष्ट्र के पुणे जिले के उरुली कांचन (तहसील हवेली) इलाके से मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर देने वाली क्रूरता की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ चरित्र पर लांछन लगाने और बेटा न होने से बौखलाए एक कलयुगी पति ने अपनी 24 वर्षीय पत्नी को न केवल बेरहमी से पीटा, बल्कि हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए उसके गुप्तांग पर तेजाब उड़ेल दिया।
दिल को दहला देने वाली बात यह है कि इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपी का दिल नहीं पसीजा। उसने गंभीर रूप से झुलसी और तड़पती हुई पत्नी को अस्पताल ले जाने के बजाय पोल खुलने के डर से 15 दिनों तक घर में ही बंधक बनाकर कैद रखा। आखिरकार पीड़िता ने किसी तरह अपनी जान बचाकर मायके वालों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद हरकत में आई उरुली कांचन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
शराब के नशे में धुत होकर आया और पार कीवानियत की हदें
पुलिस जांच में सामने आया कि यह रूह कँपा देने वाली घटना बीते 20 अप्रैल को घटित हुई थी। वारदात वाले दिन आरोपी पति अत्यधिक शराब के नशे में धुत होकर घर लौटा था। उसने घर आते ही पत्नी के चरित्र पर कीचड़ उछालना शुरू कर दिया और चिल्लाते हुए कहा, “तुम काम पर जाती हो, मुझे बताओ कि तुम्हारे बाहर किसके साथ नाजायज संबंध हैं?”
पत्नी ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी गाली-गलौज करते हुए लात-घूंसों से उसे बेरहमी से पीटने लगा। इसके बाद उसने जान से मारने की बात कहते हुए घर में रखी तेजाब की बोतल उठाई और महिला के संवेदनशील अंगों पर डाल दी।
चीखें सुनकर दौड़े रिश्तेदार, तो जान से मारने की धमकी देकर हुआ फरार
तेजाब शरीर पर गिरते ही पीड़ित महिला असहनीय दर्द और जलन से चीखने-चिल्लाने लगी। वह अपनी जान बचाने के लिए बदहवास हालत में घर से बाहर भागने की कोशिश कर रही थी, लेकिन क्रूर पति ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और उसे दोबारा बेरहमी से पीटा। महिला की दर्दनाक चीखें सुनकर पड़ोस में रहने वाली उसकी जेठानी तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फोन करके सास-ससुर को भी बुला लिया।
भीड़ इकट्ठी होते देख आरोपी पति ने पीड़ित महिला को कड़े लहजे में धमकी दी कि अगर उसने इस जुल्म के बारे में किसी को भी एक शब्द बताया, तो वह उसे जिंदा नहीं छोड़ेगा। इसके बाद आरोपी वहां से रफूचक्कर हो गया।
दो मासूम बेटियों को लेकर 15 दिन बाद कैद से छूटी पीड़िता
असहनीय शारीरिक और मानसिक पीड़ा को सहते हुए पीड़ित महिला पूरे 15 दिनों तक घर के भीतर नारकीय जीवन जीने और कैद रहने को मजबूर रही। आखिरकार शनिवार 9 मई को जब आरोपी पति काम के सिलसिले में घर से बाहर गया, तो पीड़िता को वहां से निकलने का मौका मिल गया। वह बिना समय गंवाए अपनी दो मासूम बेटियों को साथ लेकर सीधे अपने मायके पहुंच गई। मायके पहुंचकर उसने परिजनों के गले लगकर रोते हुए अपने साथ हुई इस दरिंदगी की कहानी बयां की। पूरी घटना सुनकर सन्न रह गए रिश्तेदारों ने तुरंत पीड़िता को उरुली कांचन पुलिस स्टेशन पहुंचाया।
ससून अस्पताल में चला इलाज, पुलिस ने आरोपी को दबोचा
मामले की संवेदनशीलता और महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उरुली कांचन पुलिस ने बिना एक पल गंवाए पीड़िता को तुरंत बेहतर इलाज के लिए पुणे के प्रसिद्ध ससून अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में लंबा इलाज चलने और डॉक्टरों द्वारा स्थिति सामान्य बताए जाने के बाद, शुक्रवार 15 मई को पीड़िता ने पुलिस में आधिकारिक तौर पर अपना बयान और शिकायत दर्ज कराई।
घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए उरुली कांचन पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक सचिन वांगडे ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर आरोपी पति के खिलाफ संबंधित गंभीर व दंडात्मक धाराओं में मामला पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस टीम आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कड़ी कानूनी व विधिक कार्रवाई अमल में ला रही है।














