UP: छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस की स्लीपर बोगी में बॉक्स के अंदर मिली युवती की सिर कटी लाश, हाथ-पैर पॉलीथीन में थे पैक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब छपरा से आई छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 15114) की स्लीपर बोगी से एक लावारिस बॉक्स बरामद हुआ। इस बॉक्स को जब खोला गया तो जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। बॉक्स के अंदर एक अज्ञात युवती का सिर कटा धड़ रखा हुआ था, जबकि उसके हाथ-पैर अलग से पॉलीथीन में पैक करके रखे गए थे। इस खौफनाक वारदात के सामने आने के बाद रेलवे महकमे और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

सुबह स्टेशन पहुंचते ही खुली स्लीपर कोच S-1 में खौफनाक साजिश

यह ट्रेन शनिवार शाम पौने छह बजे बिहार के छपरा से रवाना हुई थी और रविवार सुबह करीब छह बजे लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पहुंची थी। ट्रेन के स्टेशन पर रुकने के बाद जब यात्री उतर गए, तब स्लीपर कोच एस-1 (S-1) में एक लावारिस बड़ा बॉक्स देखा गया। शक होने पर तत्काल इसकी सूचना स्टेशन अधीक्षक को दी गई, जिन्होंने बिना वक्त गंवाए जीआरपी और आरपीएफ को मौके पर बुला लिया। चारबाग जीआरपी प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि पुलिस टीम की मौजूदगी में जब उस संदिग्ध बॉक्स को खुलवाया गया, तो उसमें युवती का धड़ बरामद हुआ। मृतका की उम्र करीब 30 से 35 वर्ष के आसपास आंकी जा रही है।

कसाईबाड़े के चापड़ से काटे गए अंग, बॉक्स के बाहर नहीं आने दिया खून का एक कतरा

शव को देखने से साफ पता चलता है कि हत्यारे ने बेहद शातिराना अंदाज में इस पूरी वारदात को अंजाम दिया है। युवती के शरीर के अंगों को किसी बेहद धारदार हथियार से काटा गया है। आशंका जताई जा रही है कि शव के टुकड़े करने के लिए कसाईबाड़े में इस्तेमाल होने वाले भारी-भरकम चापड़ का प्रयोग किया गया होगा। हैरान करने वाली बात यह है कि युवती के शव पर फिलहाल किसी तरह के संघर्ष या जबरदस्ती के चोट के निशान नहीं मिले हैं। हत्यारे ने शव को बॉक्स के भीतर कुछ इस तरह से फिट किया था कि खून की एक भी बूंद बाहर नहीं आई और न ही पॉलीथीन में पैक हाथ-पैर से खून बाहर निकला, जिससे सफर के दौरान किसी भी सहयात्री को भनक तक नहीं लगी।

रंग-बिरंगा सूट और ग्रामीण परिवेश की आशंका, शिनाख्त के लिए टीमें गठित

जीआरपी के मुताबिक, बॉक्स के अंदर मिले युवती के धड़ पर एक रंग-बिरंगा सूट था। कपड़ों की बनावट और हुलिये को देखकर यह आशंका जताई जा रही है कि मृतका किसी ग्रामीण परिवेश की हो सकती है। हालांकि, युवती का सिर गायब होने के कारण अभी तक उसकी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका की शिनाख्त के लिए जीआरपी ने फौरन विशेष टीमों का गठन कर दिया है, जो इस रूट के सभी प्रमुख स्टेशनों पर छानबीन कर रही हैं।

20 स्टेशनों का सफर और 12 घंटे का वक्त, खंगाले जा रहे सीसीटीवी फुटेज

छपरा से चलकर गोमतीनगर पहुंचने में इस ट्रेन को करीब 12 घंटे का समय लगता है और यह इस दौरान लगभग 20 स्टेशनों से होकर गुजरती है। जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीमें अब इन सभी 20 स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गई हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस स्टेशन से कौन सा संदिग्ध व्यक्ति इस भारी-भरकम बॉक्स को लेकर स्लीपर कोच एस-1 में सवार हुआ था।

पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय तक मची खलबली, यात्रियों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

ट्रेन के रिजर्वेशन कोच में इस तरह से कत्ल कर लाश को ठिकाने लगाने की इस वारदात ने रेलवे सुरक्षा की पोल खोलकर रख दी है। घटना के बाद पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल से लेकर गोरखपुर मुख्यालय तक के आला अधिकारी पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। आरक्षित बोगियों में इस तरह की घटना होने से यात्रियों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

आरक्षित यात्रियों की सूची खंगालेगी जीआरपी, जांच में बड़ी चुनौती

जीआरपी अब स्लीपर कोच एस-1 में शनिवार को छपरा से लखनऊ के बीच सफर करने वाले सभी आरक्षित (रिजर्व्ड) यात्रियों का चार्ट रेलवे से हासिल कर रही है। इन सभी यात्रियों से पूछताछ की जाएगी कि क्या उन्होंने किसी को यह बॉक्स रखते हुए देखा था। हालांकि, जांच टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि आरक्षित बोगियों में अक्सर जनरल टिकट वाले अवैध यात्री भी सफर करते हैं, ऐसे में मुख्य आरोपी तक पहुंचना जीआरपी के लिए एक बड़ी पहेली बना हुआ है।

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