
उत्तर प्रदेश के संभल में 24 नवंबर 2024 को हुई भयंकर हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता और भगोड़े गैंगस्टर शारिक साटा पर कानून का शिकंजा पूरी तरह कस गया है। अदालत द्वारा पहले ही भगोड़ा घोषित किए जाने और संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया शुरू होने के बाद, अब उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘रेड कॉर्नर’ नोटिस जारी कर दिया गया है।
दुबई से चला रहा था आपराधिक नेटवर्क
पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि शारिक साटा फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर भारत से फरार होकर दुबई जा चुका है। साटा के परिजन भी लगातार दुबई की यात्राएं करते रहे हैं, जिससे पुलिस को उसके ठिकाने का सुराग मिला। विदेश में बैठकर भी वह दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में वाहन चोरी समेत कई संगठित आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। उत्तर प्रदेश पुलिस ने सीबीआई को एक विस्तृत डोजियर सौंपा, जिसके बाद सीबीआई ने इंटरपोल से समन्वय स्थापित कर यह नोटिस जारी करवाया।
कोर्ट के आदेश पर हुए सर्वे के दौरान भड़की थी हिंसा
संभल स्थित शाही जामा मस्जिद में अदालत के आदेश पर सर्वेक्षण की कार्रवाई चल रही थी। इसी दौरान सर्वे का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़प हो गई थी। इस उपद्रव में चार लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हुए थे। मामले की तहकीकात के दौरान शारिक साटा का नाम मुख्य मास्टरमाइंड के तौर पर सामने आया।
अब दुनिया में कहीं भी होगी गिरफ्तारी
पुलिस प्रशासन ने शारिक साटा के खिलाफ पहले ही ‘लुकआउट सर्कुलर’ जारी कर रखा था। रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद अब दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियां उसे ट्रैक कर गिरफ्तार कर सकेंगी। पुलिस का दावा है कि जल्द ही कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर प्रत्यर्पण के जरिए उसे भारत वापस लाया जाएगा।














