अजमेर। राजस्थान के अजमेर जिले के बोराडा थाना इलाके से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे सूबे को हिलाकर रख दिया है। शुक्रवार सुबह श्रीरामपुरा गांव के पास हाईवे किनारे एक जलती हुई स्कॉर्पियो कार मिलने से हड़कंप मच गया, जिसमें सवार चार लोगों की जलकर मौत हो चुकी थी। शुरुआत में देखने पर ऐसा लगा कि कार में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी होगी और यह एक दर्दनाक सड़क हादसा होगा। लेकिन जैसे ही खाकी ने इस मामले की परतें खोलनी शुरू कीं, तो पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। यह कोई हादसा नहीं, बल्कि बेहद क्रूर और सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया सामूहिक हत्याकांड था।
इंतकाम की आग में बनी ‘हैवान’, एक साथ बुझा दिए परिवार के चार चिराग
इस रूह कपां देने वाली सामूहिक हत्या की मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि मृतक राम सिंह चौधरी की पहली पत्नी सुनीता है। सुनीता बदले और नफरत की आग में इस कदर अंधी हो चुकी थी कि उसने अपने ही दो बच्चों के साथ मिलकर इस खौफनाक खूनी खेल की स्क्रिप्ट लिखी। सुनीता ने अपने पति राम सिंह चौधरी, सौतन सूर्यज्ञान देवी, बुजुर्ग सास पूसी देवी और अपनी मासूम भतीजी महिमा को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। ग्रामीणों के अनुसार, इस घर में लंबे समय से सौतन और पति के साथ विवाद चल रहा था। बुधवार की रात भी घर से चीखने-चिल्लाने और बुरी तरह मारपीट की आवाजें आ रही थीं। बताया जा रहा है कि राम सिंह अक्सर शराब के नशे में धुत होकर पहली पत्नी सुनीता के साथ मारपीट और प्रताड़ित करता था।
दो पत्नियों के साथ एक ही छत के नीचे रहता था राम सिंह, ऐसे शुरू हुआ विवाद
अजमेर पुलिस के मुताबिक, इस सनसनीखेज हत्याकांड के आरोप में राम सिंह की पहली पत्नी सुनीता, उसकी बेटी सरिता और एक 17 वर्षीय नाबालिग बेटे को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि मृतक राम सिंह अपनी दोनों पत्नियों (सुनीता और सूर्यज्ञान देवी) के साथ एक ही मकान में रहता था। एक ही छत के नीचे दो पत्नियां होने के कारण आए दिन घर में क्लेश और झगड़े होते रहते थे। रोज-रोज के झगड़े और पति के जुल्मों से तंग आकर पहली पत्नी सुनीता ने अपने ही बच्चों के साथ मिलकर पूरे परिवार को खत्म करने का खौफनाक फैसला कर लिया।
आधी रात को धारदार हथियारों से रेता गला, चीख भी न सकीं चार जिंदगियां
पुलिस तफ्तीश में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, उसके अनुसार सुनीता, उसकी बेटी सरिता और नाबालिग बेटे ने मिलकर बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात को वारदात को अंजाम दिया। जब सब सो रहे थे, तब तीनों ने मिलकर धारदार कुल्हाड़ी और हथियारों से सोए हुए राम सिंह, उसकी मां, दूसरी पत्नी और रिश्तेदार की भतीजी महिमा पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना अचानक और घातक था कि किसी को संभलने या शोर मचाने तक का मौका नहीं मिला। चारों को बेरहमी से काटने के बाद पूरे घर में खून ही खून फैल गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
वारदात को हादसा दिखाने की थी साजिश, स्कोर्पियो में लाशें रखकर लगाई आग
चारों की हत्या करने के बाद आरोपियों के सिर पर खून सवार था, लेकिन वे कानून से बचना चाहते थे। इस जघन्य हत्याकांड को एक आम सड़क हादसा या कार की आगजनी साबित करने के लिए आरोपियों ने एक और खतरनाक प्लान बनाया। उन्होंने चारों शवों को घसीटकर राम सिंह की ही स्कॉर्पियो कार में लोड किया। इसके बाद कार को घर से दूर हाईवे के किनारे ले गए। वहां तीन शवों को कार के अंदर ही रहने दिया, जबकि चौथा शव थोड़ी दूर खेत में फेंक दिया ताकि भ्रम पैदा हो सके। इसके बाद उन्होंने पूरी कार को पेट्रोल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया और मौके से फरार हो गए।
ग्रामीणों की एक सूचना से खुली साजिश की परतें, ऐसे दबोचे गए कातिल
अजमेर एसपी हर्षवर्धन ने मीडिया को बताया कि गुरुवार सुबह जब ग्रामीणों ने हाईवे पर जलती कार देखी तो पुलिस को सूचना दी। कार के अंदर तीन और बाहर एक शव मिलने से मामला संदिग्ध लगा। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया। पुलिस के लिए यह गुत्थी सुलझाना आसान नहीं था, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों की सजगता काम आई। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि बुधवार रात राम सिंह के घर से भारी चीख-पुकार मची थी और सुबह से घर के बाकी सदस्य गायब थे। पुलिस ने जब कड़ाई से कड़ियां जोड़ीं और दबिश दी, तो पहली पत्नी सुनीता और उसके दोनों बच्चे पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।










