अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई नई सैन्य चेतावनी और धमकियों के बाद वाशिंगटन और तेहरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. इस कड़ी में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों का करारा जवाब देते हुए अमेरिका को दोबारा सैन्य टकराव में न कूदने की खुली चुनौती दी है. अराघची ने चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि ईरान किसी भी नई सैन्य कार्रवाई से डरने वाला नहीं है और तेहरान के पास भी अपने कुछ ‘अधूरे काम’ बाकी हैं.
अब्बास अराघची का एक्स (X) पर तीखा हमला
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों पर पलटवार करते हुए लिखा:
“पिछली बार जब आपने अपना काम खत्म करने की कोशिश की थी, तब ईरान और अधिक मजबूत होकर उभरा था. क्या आप दोबारा अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं? आपका स्वागत है. लेकिन सावधान रहिएगा, हमारे भी कुछ अधूरे काम बाकी हैं.”
इसके साथ ही उन्होंने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि नेतन्याहू अपने देश में खुद के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाइयों और जेल जाने से बचने के लिए अमेरिका को एक और विनाशकारी युद्ध की आग में धकेल रहे हैं. अराघची ने चेताया कि इस उकसावे भरे खेल के गंभीर और घातक परिणाम इजराइल के साथ-साथ अमेरिकी राष्ट्रपति को भी भुगतने पड़ सकते हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप ने नेतन्याहू के पक्ष में किया बड़ा ऐलान
ईरानी विदेश मंत्री का यह तल्ख बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस संदेश के ठीक बाद आया है, जिसमें उन्होंने 27 अक्टूबर को होने जा रहे इजराइली संसदीय चुनावों (Knesset Election) से पहले बेंजामिन नेतन्याहू के प्रति अपना खुला और पूर्ण समर्थन (Complete and Total Endorsement) जताया था.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर पोस्ट साझा करते हुए इजराइली नागरिकों से नेतन्याहू को चुनने की अपील की. ट्रंप ने नेतन्याहू को एक महान और बहादुर योद्धा प्रधानमंत्री करार दिया.
ट्रंप का आरोप: ‘दशकों से अमेरिका और इजराइल को धमका रहा है तेहरान’
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संदेश में ईरान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि तेहरान दशकों से इजराइल और अमेरिका को निशाना बना रहा है. उन्होंने ईरान द्वारा लगाए जाने वाले ‘अमेरिका की मौत’ और ‘इजराइल की मौत’ जैसे नारों का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि इन धमकियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता.
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी नीतियों और प्रतिबंधों के चलते ईरान की सैन्य ताकत और आर्थिक व्यवस्था काफी हद तक पंगु और कमजोर हो चुकी है. उन्होंने साफ लहजे में कहा कि अगर ईरान ने अपनी आक्रामक रणनीतियों को तुरंत बंद नहीं किया, तो अमेरिका और उसके सहयोगी बहुत जल्द अपना काम पूरा (‘Finish the Job’) कर देंगे.
इजराइली मतदाताओं से पीएम नेतन्याहू को दोबारा चुनने की अपील
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजराइल के मतदाताओं को आगाह करते हुए कहा कि आगामी चुनावों में नेतन्याहू के अलावा किसी भी अन्य नेता को चुनना एक बड़ी भूल साबित होगी. उन्होंने कहा कि यदि इजराइल गलत नेतृत्व चुनता है, तो क्षेत्रीय सुरक्षा का जिम्मा और आगे की कार्रवाई अमेरिका को खुद अपने हाथों में लेनी पड़ेगी, हालांकि वे ऐसा करने के इच्छुक नहीं हैं.
दोनों शीर्ष नेताओं और राजनयिकों के बीच जुबानी जंग तीखी होने से मध्य पूर्व (Middle East) में पूर्ण स्तर के युद्ध की आशंकाओं को लेकर वैश्विक समुदाय की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं.


















