
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के भव्य राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की गहराई से जांच कर रही पुलिस को कोर्ट से दो और मुख्य आरोपियों की 14 घंटे की कस्टडी रिमांड मिल गई है। पुलिस अब इन दोनों आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करेगी, जिससे चोरी से जुड़े कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।
बुधवार सुबह 8 से रात 10 बजे तक पुलिस की कस्टडी में रहेंगे दोनों आरोपी
अदालत से मिली मंजूरी के बाद इस मामले के दो नामजद आरोपियों— सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्र को बुधवार सुबह 8 बजे से लेकर रात 10 बजे तक (कुल 14 घंटे) पुलिस कस्टडी में रखा जाएगा। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कोर्ट ने मंगलवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इन दोनों आरोपियों की पुलिस रिमांड अर्जी को अपनी हरी झंडी दे दी।
पुलिस इन दोनों को अपनी कड़ी सुरक्षा और अभिरक्षा में रखकर सघन पूछताछ करेगी। इसके साथ ही इनके बयानों के आधार पर इन्हें इनके संभावित ठिकानों और छिपे हुए अड्डों पर ले जाया जाएगा, ताकि राम मंदिर से चोरी की गई अन्य कीमती वस्तुओं और साक्ष्यों को बरामद किया जा सके। हालांकि, विवेचक द्वारा इन दोनों आरोपियों के शुरुआती बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं।
जेल से बाहर लाकर पुलिस करेगी कड़ी पूछताछ, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बता दें कि इस मामले के विवेचक आशुतोष तिवारी ने पिछले शुक्रवार को अदालत में एक प्रार्थनापत्र दाखिल कर इन दोनों आरोपियों की सात दिनों की लंबी पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की थी। पुलिस का तर्क था कि चोरी के इस बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के लिए इनसे लंबी पूछताछ जरूरी है।
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सात दिनों के बजाय एक सीमित अवधि (14 घंटे) के लिए ही पुलिस रिमांड को स्वीकार किया। ये दोनों आरोपी वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा के तहत जेल की सलाखों के पीछे बंद हैं। कोर्ट के नियमों के मुताबिक, रिमांड की अवधि शुरू होने से ठीक पहले दोनों आरोपियों का अनिवार्य रूप से चिकित्सकीय परीक्षण (मेडिकल टेस्ट) कराया जाएगा। बुधवार रात को समय सीमा समाप्त होने के बाद पुलिस इन्हें दोबारा मेडिकल जांच कराकर न्यायिक अभिरक्षा में वापस जेल भेज देगी।
आपको बता दें कि अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के इस बेहद संवेदनशील प्रकरण में पुलिस महकमा कोई ढील नहीं बरत रहा है। इससे पहले भी पुलिस इस मामले में शामिल रहे चार अन्य बड़े आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर कड़ी पूछताछ कर चुकी है, जिससे कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे थे।













