अयोध्या। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में प्रभु श्री राम के चरणों में देश-दुनिया से आने वाले चढ़ावे को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मंदिर के चढ़ावे में कथित हेरफेर की खबरों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस संवेदनशील मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले दिन से ही जबरदस्त एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी (SIT) बहुत जल्द मुख्यमंत्री को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने वाली है। लेकिन इस रिपोर्ट के आने से पहले ही मंदिर प्रशासन और सरकार ने मिलकर चढ़ावे की सुरक्षा को लेकर ऐसे कड़े और हैरान कर देने वाले बदलाव कर दिए हैं, जिससे अब परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा।
चढ़ावे की गिनती करने वाले 50 पुराने कर्मचारी हटाए, SBI के ऑडिटर्स पर भी गिरी गाज
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राम मंदिर के चढ़ावे में आई भारी-भरकम राशि की गिनती करने वाले करीब 50 पुराने कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया गया है। उनकी जगह पर पूरी तरह से नए और पूरी जांच-परख के बाद आए लोगों को नियुक्त किया गया है। आपको बता दें कि ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ का मुख्य बैंक खाता ‘स्टेट बैंक ऑफ इंडिया’ (SBI) की अयोध्या शाखा में है, जहां रोजाना लाखों-करोड़ों का चढ़ावा जमा होता है। इस गड़बड़ी के सामने आने के बाद एसबीआई के उन अधिकारियों और ऑडिट करने वाले कर्मचारियों को भी बदल दिया गया है जो इस प्रक्रिया से जुड़े थे। अब नियम कड़ा कर दिया गया है कि पैसों की गिनती हर हाल में ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों की सीधी मौजूदगी में ही की जाएगी। इसके अलावा, प्राइवेट एजेंसी के जरिए तैनात किए गए सभी सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों को भी हटाकर नई टीम को कमान सौंप दी गई है।
नोटों की गिनती के लिए नया ड्रेस कोड लागू, अब बिना जेब वाले कपड़ों में काम करेंगे कर्मचारी
दान के पैसों में हेराफेरी को जड़ से खत्म करने के लिए ट्रस्ट ने एक अनोखा और बेहद कड़ा फैसला लिया है। अब राम मंदिर के चढ़ावे की गिनती करने वाले कर्मचारियों के लिए एक बिल्कुल नया ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है। नए नियमों के मुताबिक, नोटों की गिनती करने वाले कर्मचारी अब ऐसे कपड़े पहनेंगे जिनमें एक भी जेब (Pocket) नहीं होगी। इस ‘नो-पॉकेट’ ड्रेस कोड का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति गिनती के दौरान एक भी नोट छिपाकर बाहर न ले जा सके।
सीसीटीवी बैकअप की समय सीमा 4 गुना बढ़ी, दानपात्र खोलते समय होगी स्पेशल वीडियोग्राफी
अयोध्या राम मंदिर में दान की चोरी और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए तकनीकी स्तर पर भी सुरक्षा को अभेद्य बना दिया गया है। पहले मंदिर परिसर की सीसीटीवी फुटेज का बैकअप केवल 45 दिनों तक सुरक्षित रखा जाता था, लेकिन अब इस समय सीमा को 4 गुना बढ़ाकर सीधे 180 दिन (6 महीने) कर दिया गया है। यानी अब 6 महीने पुरानी गतिविधि पर भी तीसरी आंख की पैनी नजर रहेगी। इसके साथ ही, अब जब भी मंदिर के बड़े-बड़े दानपात्रों (Hundi) से चढ़ावे की राशि निकाली जाएगी, तो उस पूरी प्रक्रिया की बकायदा हाई-डेफिनिशन कैमरों से स्पेशल वीडियोग्राफी कराई जाएगी ताकि पारदर्शिता सौ फीसदी बनी रहे।
एक नहीं अब बॉक्स पर लगेंगे 2 ताले, रास्ते में गायब नहीं हो पाएगा रामलला का खजाना
चढ़ावे की रकम को गिनने के बाद जब उसे सुरक्षित रूप से बैंक में जमा कराने के लिए ले जाया जाएगा, तो उसके लिए भी सुरक्षा चक्र को दोगुना कर दिया गया है। अब नोटों से भरे जाने वाले स्पेशल बॉक्स में एक नहीं, बल्कि दो अलग-अलग चाबियों वाले लॉक (ताले) लगाए जाएंगे। इन दोनों तालों की चाबियां अलग-अलग अधिकारियों के पास होंगी। इस मास्टर प्लान के लागू होने से रास्ते में या परिवहन के दौरान पैसों के गायब होने या बॉक्स से छेड़छाड़ करने की गुंजाइश पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। सीएम योगी के इस ताबड़तोड़ एक्शन और ट्रस्ट के इन कड़े फैसलों से साफ है कि रामलला के खजाने पर बुरी नजर डालने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।















