मार्कपुरम (आंध्र प्रदेश)। आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम जिले में गुरुवार की सुबह मौत का तांडव देखने को मिला। हैदराबाद से पामुर जा रही एक निजी ट्रेवल्स की बस और टिपर लॉरी के बीच हुई भीषण टक्कर में कम से कम 13 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई। चश्मदीदों के मुताबिक, टक्कर इतनी जोरदार थी कि पलक झपकते ही बस आग का गोला बन गई और अंदर सवार यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है।
आग का गोला बनी बस, अंदर ही फंसे रह गए मुसाफिर
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, निजी बस करीब 40 यात्रियों को लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थी। मार्कपुरम के पास विपरीत दिशा से आ रही एक टिपर लॉरी से इसकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर लगते ही बस के डीजल टैंक में विस्फोट हुआ और भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। चीख-पुकार के बीच कुछ यात्री बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन कई बदनसीब मुसाफिर अंदर ही फंसे रह गए और जलती हुई बस में ही दम तोड़ दिया।
SP का बयान: मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका, 20 यात्री गंभीर
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। जिला एसपी ने शुरुआती जानकारी में आठ लोगों की मौत की पुष्टि की थी, लेकिन बाद में यह आंकड़ा बढ़कर 13 तक पहुंच गया। अधिकारियों का कहना है कि करीब 20 यात्री गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या में और इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब शवों की शिनाख्त की कोशिश कर रही है, जो पूरी तरह जल चुके हैं।
कनिगिरी और पामुर के रहने वाले थे ज्यादातर यात्री
जानकारी के मुताबिक, इस हादसे का शिकार हुए अधिकांश लोग कनिगिरी और पामुर इलाकों के निवासी थे, जो काम के सिलसिले में हैदराबाद गए थे और घर लौट रहे थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है कि हादसा चालक की लापरवाही से हुआ या तकनीकी खराबी के कारण। स्थानीय लोगों ने मलबे से घायलों को निकालने में पुलिस की काफी मदद की। गौरतलब है कि बीते 21 मार्च को भी विजयनगरम में एक बस में आग लगी थी, लेकिन वहां ड्राइवर की सूझबूझ से सभी की जान बच गई थी, मगर इस बार मार्कपुरम में काल ने किसी को मौका नहीं दिया।














