
नई दिल्ली (हि.स.)। दिल्ली सरकार द्वारा कोरोना योद्धाओं को सम्मान देने के लिए शुरू की गई योजना के तहत बुधवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिवंगत कोरोना योद्धा अरुण कुमार रक्षित के परिवारों को एक करोड़ रूपये की सम्मान राशि सौंपी।
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में बतौर अधिकारी कार्यरत अरुण कुमार रक्षित ने कोरोना के दौरान काम करते हुए हजारों मरीजों की मदद करने का काम किया इस दौरान वे स्वयं संक्रमित हो गए और अपनी जान गंवा दी। कोरोना योद्धा अरुण कुमार रक्षित के इस बलिदान के लिए केजरीवाल सरकार ने उनके परिवार को एक करोड़ रूपये की सम्मान राशि दी।
इस मौके पर सिसोदिया ने कहा कि कोरोना योद्धाओं ने महामारी के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना ड्यूटी पर मुस्तैदी के साथ काम किया और नागरिकों की इस महामारी से सुरक्षा की। सिसोदिया ने कहा कि देश इन वीर कोरोना योद्धाओं के बलिदान को सलाम करता है। उन्होंने कहा कि कोरोना योद्धाओं के बहादुरी और त्याग के मिसाल को हम कभी नहीं भूल पाएंगे उनके परिवार के हर दुख हर संकट में दिल्ली सरकार सदैव उनके साथ खड़ी रहेगी यह हमारा वादा है।
सिसोदिया ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की सरकार हमेशा कोरोना योद्धाओं के परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। दिल्ली सरकार की ये योजना कोरोना योद्धाओं के परिवार को ये आत्मविश्वास देती है कि सरकार और समाज हमेशा उनके साथ है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार कोरोना योद्धाओं के जज़्बे को सलाम करती है। बेशक इस राशि से दिवंगत कोरोना योद्धाओं के परिवार के नुकसान की पूर्ति तो नहीं की जा सकती लेकिन उनके परिवार को एक सम्मानजनक जीवन जीने का जरिया जरूर मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि केजरीवाल सरकार कोरोना के दौरान लोगों की सेवा करते हुए संक्रमित होकर जान गंवाने वाले 73 कोरोना योद्धाओं के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये की सम्मान राशि देने को मंजूरी दे चुकी है।
कोरोना योद्धा जिनके परिवारों को सौंपी गई 1 करोड़ रुपये की सम्मान राशि
अरुण कुमार रक्षित कोरोना के दौरान लोगों की कोरोना से जुडी मदद करने, अस्पतालों से कोआर्डिनेट करने का काम कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सैकड़ों लोगों की मदद की लेकिन ड्यूटी करते वो स्वयं भी संक्रमण की चपेट में आ गए और कोरोना की दूसरी लहर में उनका देहांत हो गया। केजरीवाल सरकार द्वारा बुधवार को कोरोना वॉरियर अरुण कुमार रक्षित के परिवार को एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि सौंपी गई।












