गुरुग्राम: प्यार के जाल में फंसाकर बिजनेसमैन को ब्लैकमेल करने, झूठे मुकदमों की धमकी देकर शादियां रचाने और संपत्ति हड़पने वाली ‘लुटेरी दुल्हन’ वर्षा का काला चिट्ठा अब परत-दर-परत खुलता जा रहा है। धोखाधड़ी और दफ्तर पर अवैध कब्जे के आरोप में गुरुग्राम के सेक्टर-65 थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई आरोपी वर्षा और उसके परिवार पर विभिन्न थानों में करीब 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
अदालत ने आरोपी वर्षा को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस की जांच में उसके कई पतियों और शिकार बने लोगों की दिल दहला देने वाली आपबीती सामने आई है।
रिसेप्शनिस्ट बनकर लैब में आई, नौकरी से निकाला तो मालिक को ही भिजवा दिया जेल
पीड़ित लैब ओनर सचिन सिंह राजपूत ने पुलिस को बताया कि वर्षा उनकी गुरुग्राम स्थित लैब में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी। लैब के पैसों के लेनदेन में हेरफेर और संदिग्ध गतिविधियों के कारण उन्होंने वर्षा को नौकरी से निकाल दिया था।
इसका बदला लेने के लिए वर्षा ने सचिन के भतीजे को अपने जाल में फंसाया और होटल में ठहरने के दौरान सचिन की आईडी (ID) का इस्तेमाल किया। इसके बाद उसने फर्जी दस्तावेज तैयार कर सचिन पर ही किडनैपिंग और दुष्कर्म का झूठा केस दर्ज करा दिया। इस झूठे मुकदमे की वजह से सचिन को 62 दिन जेल में बिताने पड़े।
एफआईआर (FIR) रद्द कराने के बदले मांगी 15 लाख महीने कमाई वाली लैब
जेल से बाहर आने के बाद जब सचिन ने मुकदमा खत्म करने की गुहार लगाई, तो वर्षा ने उनके सामने शर्त रखी कि वह हर महीने 15 लाख रुपये कमाने वाली लैब की ओनरशिप (मालिकाना हक) उसके नाम कर दें।
बदनामी और सामाजिक दबाव के चलते सचिन को उससे शादी तक करनी पड़ी। हालांकि, बाद में पुलिस जांच में सचिन पूरी तरह से निर्दोष साबित हुए और वर्षा की फर्जी शिकायत को पुलिस ने खारिज कर दिया।
तीसरे पति का आरोप: ‘चाय में नशीला पदार्थ देकर रचाई शादी, 2 करोड़ के फ्लैट के लिए ऐंठे 21 लाख’
भिवानी निवासी और गुरुग्राम के रियल एस्टेट कारोबारी संदीप कुमार (वर्षा के तीसरे पति) ने बताया कि वर्षा साल 2023 में उनकी कंपनी में रिसेप्शनिस्ट बनकर आई थी। संदीप का आरोप है कि वर्षा उन्हें चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर देती थी और फिर शादी का दबाव बनाने लगी। जून 2023 में दोनों ने शादी कर ली।
वर्षा ने अपनी पिछली दो शादियों (अंकित चौधरी और सचिन) की बात पूरी तरह छिपाकर रखी थी। संदीप ने बताया कि वर्षा उन्हें भी किडनैपिंग व रेप के केस में फंसाने की धमकी देती थी और 2 करोड़ का फ्लैट खरीदने के नाम पर 21 लाख रुपये ऐंठ लिए।
ऑफिस पर जबरन कब्जा और पुलिस का एक्शन
पीड़ित संदीप के अनुसार, 12 जून को वर्षा अपने परिजनों के साथ उनके दफ्तर में जबरन घुसी, अपना ताला लगा दिया और सीसीटीवी (CCTV) का एक्सेस अपने कब्जे में ले लिया। इसकी शिकायत पुलिस कमिश्नर से की गई थी।
सेक्टर-65 थाना SHO रामवीर ने बताया कि सचिन की शिकायत पर हुई जांच में वर्षा के आरोप झूठे पाए गए थे, जिसके बाद पुलिस ने उल्टे वर्षा के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। संदीप की शिकायत पर धोखे से शादी करने और दफ्तर पर कब्जे की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। फिलहाल आरोपी जेल में बंद है और पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।













