हापुड़। आज के डिजिटल दौर में गूगल मैप (Google Maps) रास्ता खोजने का सबसे आसान जरिया बन चुका है, लेकिन कभी-कभी इस पर आंख मूंदकर भरोसा करना जिंदगी के लिए बहुत बड़ी मुसीबत खड़ी कर देता है। देश में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जहां गूगल मैप के गलत रास्ते की वजह से लोग बड़े हादसों का शिकार हो गए और कईयों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। ऐसा ही एक रोंगटे खड़े कर देने वाला ताजा मामला उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से सामने आया है, जहां गूगल मैप को फॉलो कर रहा एक हंसता-खेलता परिवार सीधे मौत के मुंह में जाते-जाते बचा। कार में सवार यह परिवार एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था, लेकिन डिजिटल नक्शे ने उन्हें नाले के बीचों-बीच पहुंचा दिया। गनीमत रही कि समय रहते रेस्क्यू टीम पहुंच गई और कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई।
शादी की खुशियां बदलीं चीख-पुकार में: नाले में समा गई मासूम बच्चों सहित 4 लोगों की जिंदगी
मिली जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक वाकया हापुड़ नगर के शामनगर इलाके का है। दिल्ली से सटे दादरी इलाके का रहने वाला एक परिवार कार में सवार होकर मेरठ के किठौर में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए निकला था। कार चालक अंजान रास्ता होने के कारण पूरी तरह गूगल मैप के बताए निर्देशों पर चल रहा था। चलते-चलते गूगल मैप ने उन्हें शामनगर के एक ऐसे रास्ते पर भेज दिया जहां आगे बड़ा नाला था। रास्ते पर पानी भरा होने के कारण कार चालक को गहराई का अंदाजा नहीं लगा और उसे लगा कि गाड़ी आराम से पार हो जाएगी। लेकिन जैसे ही कार आगे बढ़ी, वह सड़क के बजाय सीधे गहरे नाले में जा उतरी और फंस गई। कार में एक ही परिवार के चार वयस्क सदस्य और छोटे बच्चे सवार थे, जो कार का दरवाजा न खुलने के कारण अंदर ही बंधक बन गए और चीख-पुकार मच गई।
दो घंटे तक चला हाई-वोल्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन, दमकल विभाग ने देवदूत बनकर बचाई जान
कार के गहरे पानी और कीचड़ से लबालब नाले में फंसने के बाद परिवार पूरी तरह लाचार हो गया। कार के शीशे और दरवाजे जाम होने के कारण अंदर मौजूद बच्चों और महिलाओं का दम घुटने लगा था। घटना की भनक लगते ही स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई और तुरंत इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग (Fire Department) और आपदा रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची। रेस्क्यू टीम के जांबाज जवानों ने स्थानीय लोगों की मदद से करीब दो घंटे तक भारी मशक्कत के बाद कार में फंसे सभी सदस्यों और बच्चों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला। दो घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद जब सभी लोग सुरक्षित बाहर आए, तब जाकर प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
‘हमें लगा गाड़ी निकल जाएगी…’: कार चालक साहिल ने बयां की उस खौफनाक मंजर की दास्तां
नाले से सुरक्षित बाहर निकलने के बाद कार चालक साहिल ने उस डरा देने वाले मंजर की पूरी कहानी बयां की। साहिल ने बताया, “हम लोग दादरी से किठौर एक शादी में शरीक होने जा रहे थे। रास्ता मालूम नहीं था, इसलिए हम मोबाइल पर गूगल मैप का रास्ता फॉलो कर रहे थे। जब हम शामनगर पहुंचे तो सामने रास्ते पर पानी भरा हुआ था। गूगल मैप लगातार इसी रास्ते पर आगे बढ़ने का निर्देश दे रहा था। हमें लगा कि पानी कम है और गाड़ी आराम से निकल जाएगी, लेकिन जैसे ही हमने कार आगे बढ़ाई, गाड़ी अनियंत्रित होकर सीधे बीच नाले में जाकर फंस गई। गाड़ी लॉक हो गई और हम अंदर फंस गए। इसके बाद हमने तुरंत मदद के लिए कॉल किया, जिसके बाद रेस्क्यू टीम ने आकर हमारी जान बचाई।”
जांच में हुआ बड़ा खुलासा: गूगल मैप ने दिखाया था गलत रास्ता, क्रेन से निकाली जा रही कार
मामले की जानकारी देते हुए रेस्क्यू अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि नियंत्रण कक्ष को सूचना मिली थी कि शामनगर इलाके में एक सवारी गाड़ी गहरे नाले में फंसी हुई है और उसके अंदर लोग बंद हैं। टीम ने बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई की और सभी लोगों को बिना किसी खरोंच के सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्राथमिक जांच और पूछताछ में यह साफ हो गया है कि परिवार गूगल मैप के जरिए गलत और बंद रास्ते पर पहुंच गया था, जहां जलजमाव के कारण यह हादसा हुआ। फिलहाल सभी इंसान सुरक्षित हैं और नाले में फंसी कार को हाइड्रा क्रेन की मदद से बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। इस हादसे ने एक बार फिर तकनीक पर आंख बंद कर भरोसा करने के खतरों को उजागर कर दिया है।











