झारखंड के पलामू में रिश्वत न देने पर नहीं मिली मैटरनिटी लीव: स्कूल में प्रसव पीड़ा के बाद पेट में ही नवजात की मौत; DEO समेत 3 पर FIR की मांग !

झारखंड के पलामू जिले से प्रशासनिक संवेदनहीनता और भ्रष्टाचार का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है. यहां एक गर्भवती महिला शिक्षिका भारती पांडेय को समय पर मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) न मिलने के कारण स्कूल में ही प्रसव पीड़ा शुरू हो गई, जिसके बाद गर्भ में ही उनके नवजात बच्चे की मौत हो गई. पीड़ित शिक्षिका तरहसी के सिलदलिया प्लस-2 हाई स्कूल में कार्यरत हैं और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय चैनपुर में प्रतिनियुक्त हैं. इस घटना के बाद से शिक्षा विभाग की कार्यशैली और प्रशासनिक उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

₹50 हजार की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप

पीड़ित परिवार का आरोप है कि भारती पांडेय ने 3 जुलाई को ही जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय में मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन दिया था. आरोप है कि छुट्टी पास करने के बदले डीईओ दफ्तर के कर्मचारियों द्वारा ₹50 हजार की घूस मांगी गई थी. परिवार का दावा है कि रिश्वत की रकम न देने के कारण उनका अवकाश स्वीकृत नहीं किया गया, जिससे शिक्षिका को गर्भावस्था के अंतिम महीने में भी रोजाना स्कूल जाना पड़ा और दफ्तरों के चक्कर काटने पड़े.

पुलिसकर्मी पति ने थाने में दर्ज कराई शिकायत

पीड़ित शिक्षिका के पति मुकेश कुमार तिवारी, जो स्वयं पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, ने पलामू के शहर थाना (मेदिनीनगर) में लिखित शिकायत दी है. उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार और कार्यालय के दो कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है. परिजनों ने बताया कि उपायुक्त (DC) से गुहार लगाने के बावजूद कोई राहत नहीं मिली, जिसके चलते शिक्षिका की तबीयत स्कूल परिसर में ही बिगड़ गई और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया.

प्रशासन की सफाई: क्लर्क निलंबित, जांच कमेटी गठित

मामले पर पलामू के उपायुक्त (DC) दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने बताया कि घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी. प्रशासनिक जांच के अनुसार, शिक्षिका ने चाइल्ड केयर लीव (CCL) का आवेदन दिया था, जिसमें मातृत्व अवकाश का स्पष्ट उल्लेख नहीं था. हालांकि, घूस मांगने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित क्लर्क को सस्पेंड कर दिया गया है. डीसी ने आश्वस्त किया है कि अंतिम जांच रिपोर्ट में यदि डीईओ की भी संलिप्तता या लापरवाही पाई जाती है तो उनके खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा.

पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

इस दुखद घटना पर राजनीतिक गलियारों में भी रोष व्याप्त है. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर इस घटना को अत्यंत अमानवीय करार दिया. उन्होंने कहा कि मातृत्व अवकाश के बदले रिश्वत मांगना बेहद शर्मनाक है. मरांडी ने पलामू प्रशासन और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है.

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha