द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित कोच की करतूत: मुंबई के विले पार्ले में नाबालिग जिम्नास्ट से यौन शोषण की कोशिश, केस दर्ज

विले पार्ले से एक दिल दहला देने वाली और शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जिसने खेल जगत को हिलाकर रख दिया है। देश के सर्वोच्च खेल सम्मान ‘द्रोणाचार्य पुरस्कार’ से सम्मानित एक प्रतिष्ठित जिम्नास्टिक कोच पर अपनी ही 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ यौन शोषण का प्रयास करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर विले पार्ले पुलिस स्टेशन में आरोपी कोच के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) कानून समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।

व्हाट्सऐप मैसेज से शुरू हुई पूरी कहानी

पुलिस FIR से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह 16 वर्षीय नाबालिग पीड़िता अपने घर पर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान उसके व्हाट्सऐप पर जिम्नास्टिक कोच का ‘Hi’ मैसेज आया। छात्रा ने भी जवाब में ‘Hi’ लिखा और सतर्कता दिखाते हुए तुरंत अपनी मां को इस चैट के बारे में सूचित किया। मां की सलाह पर छात्रा ने कोच से मैसेज करने की वजह पूछी। इस पर आरोपी ने मैसेज भेजकर पूछा, “तुम कहां हो? अगर फ्री हो तो तुरंत जिम्नेजियम में मुझसे मिलने आओ।”

खाली जिम्नेजियम में बंद कराया दरवाजा, फिर की घिनौनी हरकत

पीड़िता पिछले कई सालों से इस कोच से जिम्नास्टिक की बारीकियां सीख रही थी, इसलिए उसे लगा कि खेल से जुड़ा कोई जरूरी काम होगा। उसने जवाब दिया, “मैं घर पर हूं सर, अभी आती हूं।” जब नाबालिग लड़की जिम्नेजियम पहुंची, तो वहां सन्नाटा था और आरोपी कोच अकेला था। आरोप है कि कोच ने छात्रा से अपनी चप्पल अंदर लाने और जिम्नेजियम का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद करने को कहा। इसके बाद आरोपी ने नाबालिग के साथ यौन शोषण करने का प्रयास किया।

धमकी और पीटी टीचर की मदद से पुलिस तक पहुंची पीड़िता

छात्रा के विरोध करने और वहां से निकलने की कोशिश पर आरोपी ने मामले को दबाने की कोशिश की। उसने पीड़िता से कहा कि “जो कुछ भी यहां हुआ, वह हम दोनों के बीच ही रहना चाहिए।” इस खौफनाक अनुभव से घबराई छात्रा ने हिम्मत नहीं हारी। उसने अपने स्कूल की पीटी टीचर को पूरी आपबीती बताई। पीटी टीचर के सहयोग से नाबालिग और उसके परिजन तुरंत विले पार्ले पुलिस स्टेशन पहुंचे और आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।

द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच गणेश देवरुखकर पर POCSO एक्ट में FIR

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी की पहचान 45 वर्षीय गणेश देवरुखकर के रूप में हुई है, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। खेल जगत में बड़ा नाम होने के बावजूद पुलिस ने बिना किसी दबाव के मामला दर्ज कर लिया है। विले पार्ले पुलिस ने 16 वर्षीय छात्रा की शिकायत पर आरोपी गणेश देवरुखकर के खिलाफ POCSO एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 

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