फर्जी वीजा और माइग्रेशन एजेंसियों के खिलाफ विदेश मंत्रालय की सख्त एडवाइजरी, नागरिकों को दी गई ये जरूरी सलाह

भोपाल: विदेश में नौकरी और निवास वीजा (रेजिडेंस वीजा) दिलाने का झांसा देकर भोले-भाले नागरिकों को अपने जाल में फंसाने वाले फर्जी एजेंटों और माइग्रेशन एजेंसियों पर लगाम कसने के लिए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने देश के नागरिकों को सोशल मीडिया पर चल रहे लुभावने और आकर्षक विज्ञापनों से सावधान रहने की हिदायत दी है। साथ ही, बिना पूरी छानबीन और पड़ताल के किसी भी निजी एजेंसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करने की सलाह दी गई है।

सोशल मीडिया के जरिए कैसे हो रही है ठगी?

हाल ही में मिली जानकारी के मुताबिक, अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास और दुबई तथा उत्तरी अमीरात में स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास के पास भारतीय नागरिकों से धोखाधड़ी की कई गंभीर शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। इन शिकायतों से यह खुलासा हुआ है कि भारत के बाहर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समेत विभिन्न देशों से सक्रिय कुछ फर्जी निजी एजेंसियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से विदेश में शानदार नौकरियां और रेजिडेंस वीजा दिलवाने के झूठे दावे करती हैं।

ये धोखेबाज एजेंसियां भोले-भाले आवेदकों से प्रोसेसिंग और वीजा के नाम पर मोटी रकम ऐंठ लेती हैं। इसके बाद न तो वे वादा किया हुआ वीजा उपलब्ध कराती हैं और न ही कोई अन्य सेवा प्रदान करती हैं। कई मामलों में तो पीड़ित जब अपने पैसे वापस मांगते हैं, तो उनकी पेमेंट की गई पूरी रकम भी हड़प ली जाती है और उन्हें कोई रिफंड नहीं मिलता।

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी मुख्य सावधानियां और दिशा-निर्देश

विदेश मंत्रालय ने नागरिकों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है:

  • सोशल मीडिया विज्ञापनों से बचें: केवल सोशल मीडिया पर दिखने वाले लुभावने विज्ञापनों या बड़े-बड़े दावों के आधार पर कभी भी विदेश जाने या नौकरी का अंतिम फैसला न लें।

  • आधिकारिक स्रोतों से लें जानकारी: आप जिस भी देश में नौकरी या निवास के लिए जाना चाहते हैं, वहां की वीजा प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेजों और कानूनी औपचारिकताओं की पूरी जानकारी भारत में स्थित उस देश के आधिकारिक दूतावास या वाणिज्य दूतावास से ही प्राप्त करें।

  • वीजा देने का अधिकार सिर्फ सरकार के पास: मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि किसी भी निजी एजेंसी के वीजा दिलाने के दावे को पैसे देने का कभी भी आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। किसी भी देश में वीजा जारी करने का अधिकार केवल उस देश की सरकार या उसके अधिकृत विभागों के पास होता है। कोई भी प्राइवेट एजेंसी वीजा मिलने की 100% गारंटी नहीं दे सकती।

  • एजेंसी की विश्वसनीयता की करें जांच: किसी भी रिक्रूटमेंट या माइग्रेशन एजेंसी को अपनी मेहनत की कमाई देने से पहले उसकी लीगल विजिबिलिटी, सरकारी पंजीकरण और उसकी पूर्व सेवाओं की पूरी और गहरी जांच-पड़ताल अवश्य कर लें।

 

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