बांग्लादेश में बर्बरता: 4 हिंदुओं की हत्या के बाद घर में ही 7 घंटे टिके रहे कातिल, खाना खाया, नहाए और फिर हुए फरार

रंगपुर: बांग्लादेश के रंगपुर में एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने बेहद चौंकाने वाले और खौफनाक खुलासे किए हैं। रिटायर्ड शिक्षक समेत उनके पूरे परिवार को मौत के घाट उतारने के बाद आरोपी फरार होने के बजाय करीब 6 से 7 घंटे तक उसी घर के अंदर छिपे रहे। इस दौरान कातिलों ने बेफिक्र होकर घर में रखा खाना खाया, फ्रिज से खीरे निकालकर खाए, खजूर चबाए और बाकायदा नहाकर फिर वहां से रफूचक्कर हो गए। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

छत पर नशा करने से शुरू हुआ खूनी खेल

पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक गणपति चक्रवर्ती (रिटायर्ड स्कूल शिक्षक) अपने परिवार के साथ रहते थे। वारदात वाली रात पड़ोसी इमारत के रास्ते दो चचेरे भाई—मुग्धो और सिद्धार्थ, गणपति चक्रवर्ती के घर की छत पर पहुंचे थे। वहां वे ‘याबा’ (एक बेहद खतरनाक नशीली गोली) का सेवन कर रहे थे। छत पर आहट सुनकर गणपति ऊपर पहुंचे और पूछताछ करने लगे। आरोपियों को डर लगा कि पहचान उजागर होने पर वे पकड़े जाएंगे, जिसके बाद उन्होंने गमछे से गला घोंटकर गणपति की हत्या कर दी।

एक-एक कर पूरे परिवार को उतारा मौत के घाट

हाथापाई की आवाज सुनकर जब गणपति की पत्नी प्रीतिलता सीढ़ियों से ऊपर आईं, तो आरोपियों ने कपड़े से उनका भी गला दबा दिया। इसके बाद साक्ष्य मिटाने और पहचान छिपाने के डर से आरोपियों ने उनकी बेटी आगमी चक्रवर्ती (अंग्रेजी में एम.ए.) और 12 साल के मासूम बेटे प्रियम को भी नहीं बख्शा। पुलिस को आशंका है कि छोटा बेटा प्रियम आरोपी के भाई का दोस्त था, इसलिए उसकी पहचान उजागर न हो जाए, इस डर से मासूम को भी मार दिया गया।

घर में रात बिताई, खाना खाया और फिर जलाए सुराग

रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस और डिटेक्टिव ब्रांच के अनुसार, चारों की निर्मम हत्या के बाद आरोपियों में रत्ती भर भी खौफ नहीं था। वे 6 से 7 घंटे तक घर में ही रहे, जहां उन्होंने नशा किया, फ्रिज से खाना और खीरा निकालकर खाया। फरार होने से पहले उन्होंने वहीं पर स्नान भी किया। आरोपियों ने सबूत मिटाने की नियत से घर में मौजूद कुछ चूड़ियों को आग में जलाने की कोशिश भी की।

घर से आ रही बदबू और बंद फोन से खुला राज

बृहस्पतिवार रात से ही परिवार के चारों मोबाइल फोन बंद आ रहे थे। जब काफी समय तक रिश्तेदारों का संपर्क नहीं हो सका, तो शनिवार रात रिश्तेदार घर पहुंचे। घर के अंदर से बदबू आने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखा तो गणपति का शव छत पर, पत्नी और बेटी के शव सीढ़ियों पर और मासूम प्रियम का शव बिस्तर के नीचे पड़ा हुआ था। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और घर में छूटे सुरागों की मदद से दोनों चचेरे भाइयों को हिरासत में लिया, जिन्होंने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

 

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