पटना। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे व जनशक्ति जनता दल (JJD) के संस्थापक तेज प्रताप यादव को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने उन्हें शनिवार (25 जुलाई) की शाम पटना के एक मॉल से गिरफ्तार किया था। इससे पहले दोपहर में भी पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था, लेकिन उस समय स्थिति को देखते हुए छोड़ दिया गया था। देर रात ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद उन्हें पटना की बेऊर जेल भेज दिया गया।
नीट विवाद और बिहार बंद के दौरान सड़क पर उतरे थे तेज प्रताप
दरअसल, नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और आंदोलनकारी छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में विपक्ष द्वारा बिहार बंद का आह्वान किया गया था। तेज प्रताप यादव भी इस बंद का समर्थन करने के लिए अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर उतरे थे। वह पटना के रामगुलाम चौक पर धरने पर बैठ गए और वहां से डाक बंगला चौराहे की ओर मार्च करने लगे।
सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोककर हिरासत में ले लिया था। हालांकि, उस समय स्थिति के बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। लेकिन शाम के समय जब तेज प्रताप पटना के एक शॉपिंग मॉल में मौजूद थे, तब भारी पुलिस बल वहां पहुंचा और उन्हें आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया। तेज प्रताप पर पटना में भीड़ को उकसाने और भड़काने का आरोप है।
धारा 307 से लेकर धारा 109 तक: गिरफ्तारी पर बोले तेज प्रताप- ‘छात्रों के लिए जान भी हाजिर’
गिरफ्तारी के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा, “हम छात्रों के हक की लड़ाई में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। जरूरत पड़ी तो मैं छात्रों के अधिकारों के लिए अपनी जान देने से भी पीछे नहीं हटूंगा।”
प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के समय उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और मजिस्ट्रेट के निर्देश के बाद ही उन्हें गिरफ्तारी मेमो सौंपा गया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें एफआईआर (FIR) की कॉपी भी मुहैया नहीं कराई है। उन्होंने बताया कि पहले उन पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) जैसी गंभीर धारा लगाई गई थी, जिसे बाद में बदलकर धारा 109 कर दिया गया।
बिहार के 13 जिलों में प्रदर्शन, पटना में 209 उपद्रवी हिरासत में
बिहार बंद के दौरान राज्य के 13 जिलों में भारी विरोध-प्रदर्शन और हिंसक झड़पों की खबरें सामने आईं। राजधानी पटना में हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को कड़ा रुख अख्तियार करना पड़ा। इस दौरान उपद्रव और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में पुलिस ने 209 लोगों को हिरासत में लिया है। फिलहाल, एहतियात के तौर पर पूरे पटना शहर में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।














