
बिहार में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है और राज्य में बाढ़ का दायरा दिन-ब-दिन विकराल होता जा रहा है। राजधानी पटना के प्रसिद्ध गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर 50.57 मीटर के रिकॉर्ड आंकड़े पर पहुंच गया है, जो साल 2016 के उच्चतम स्तर से भी 5 सेंटीमीटर ऊपर है। पटना समेत राज्य के 11 प्रमुख जिलों की 300 से अधिक पंचायतें चारों तरफ से पानी से घिर चुकी हैं, जिससे लगभग 16.85 लाख की आबादी सीधे तौर पर प्रभावित हुई है और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
उफान पर नदियां: 7 प्रमुख नदियां खतरे के निशान के पार
गंगा के उफान के साथ-साथ प्रदेश की अन्य प्रमुख नदियां भी रौद्र रूप धारण कर चुकी हैं। कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा नदियां खतरे के निशान (लाल निशान) से काफी ऊपर बह रही हैं। मुख्य नदियों में पानी का दबाव अधिक होने के कारण सहायक नदियों का जलस्तर वापस लौट रहा है, जिससे पानी रिहायशी इलाकों और खेतों में तेजी से घुस रहा है। फसलों के डूबने और सड़कों पर कई फीट पानी भरने से दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालयों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
11 जिलों में हाहाकार, बांधों पर शरण लेने को मजबूर लोग
राज्य के 11 सबसे प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अरवल शामिल हैं। इन जिलों के करीब 61 प्रखंडों (ब्लॉक) की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। घरों में पानी घुस जाने के कारण बेघर हुए लाखों लोग तटबंधों, राष्ट्रीय राजमार्गों और ऊंचे स्थानों पर तिरपाल तानकर दिन काटने को मजबूर हैं। पटना के पंडारक में भी गंगा ने 2021 का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 43.78 मीटर का नया स्तर छू लिया है।
राहत और बचाव कार्य तेज: NDRF और SDRF की 34 टीमें तैनात
आपदा की इस घड़ी में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। एनडीआरएफ (NDRF) की 7 और एसडीआरएफ (SDRF) की 27 टीमों को प्रभावित इलाकों में मोटरबोट के साथ तैनात किया गया है। फंसे हुए लोगों को निकालकर राहत शिविरों तक पहुंचाया जा रहा है, साथ ही उन तक सूखा राशन, पीने का पानी और दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं। कटाव के खतरे को देखते हुए तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।
मौसम विभाग का अलर्ट: अगले 48 घंटे बेहद नाजुक
बाढ़ के इस संकट के बीच मौसम विभाग की चेतावनी ने लोगों की धड़कनें और बढ़ा दी हैं। विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यदि कैचमेंट इलाकों और मैदानी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होती है, तो नदियों का जलस्तर और अधिक ऊपर चढ़ सकता है। जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं, हालांकि आने वाले दो दिन राज्य के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।















