
-जलवायु परिवर्तन का हो रहा असर, अनेक स्थानों पर खिसक रही है जमीन
वाशिंगटन (ईएमएस)। अमेरिका के सबसे अमीर शहर शिकागो पर इन दिनों खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। यहां जलवायु परिवर्तन के कारण भीषण गमी का ऐसा असर हो रहा है कि जमीन खिसकने की तौबत आ रही है। वैज्ञानिकों के अनुसार हमारे धरातल के नीचे तापमान बढ़ रहा है जिससे भूमिगत जलवायु परिवर्तन की अवधारणा को बल मिल रहा है लेकिन हमारा बुनियादी ढांचा इस हिसाब से तैयार नहीं किया गया है। इस समय जमीन खतरनाक रफ्तार से गर्म हो रही है और अनुसंधानकर्ताओं ने यह तापमान वृद्धि प्रति दशक 0.1 से 2.5 डिग्री सेल्सियस मापी है।शिकागो शहर में इमरातों, मल्टीलेवल सड़कों और सबवे से लेकर रेलवे लाइन के नीचे तक की जमीन धंस रही है।
नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के सिविल और पर्यावरण इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर एलेसेंड्रो रोटा लोरिया ने कहा कि तापमान में बदलाव के परिणामस्वरूप जमीन खराब हो रही है, और कोई भी मौजूदा नागरिक संरचना या बुनियादी ढांचा इन बदलावों के बारे में सोचकर डिजाइन नहीं किया गया है। इससे इमारत की नींव और आसपास की जमीन अत्यधिक हिल जाती है और कभी-कभी इसमें दरार पड़ जाती हैं, जिससे संरचनाओं के टिकाऊपन पर असर पड़ता है।
शोधकर्ताओं ने शिकागो के सेंसर-प्राप्त तापमान के आंकड़ों पर सिमुलेशन का उपयोग कारने पर पाया कि गर्म तापमान के कारण जमीन में 12 मिलीमीटर तक विस्तार हुआ और इमारत के वजन के नीचे 8 मिमी तक संकुचन और धंसाव हुआ है। दुष्प्रभावों को लेकर दावा किया जा रहा है कि भूमिगत जलवायु परिवर्तन के कारण भूजल प्रदूषण या भूमिगत रेलवे में समस्याएं पैदा हो सकती हैं, जिससे पटरियों में सिकुड़न हो सकती है या अत्यधिक गर्मी के कारण यात्री बीमार पड़ सकते हैं। गौरतलब है कि अमेरिका के सबसे बड़े शहरों में से एक है शिकागो में कई करोड़पति और अरबपति रहते हैं। अमीरों की लिस्ट में शिकागो सांतवे नंबर पर है. इस शहर में 1,60,100 करोड़पति हैं और इस शहर में 7,400 मल्टी-मिलेनियर हैं. जबकि, इस शहर में 340 सेंटी-मिलेनियर और 28 अरबपति हैं।















