महंगी पड़ सकती है मॉडिफिकेशन के चक्कर में कार के बेसिक स्ट्रक्चर से छेड़छाड़

नई दिल्ली । इन दिनों गाड़ी में अलग-अलग तरह से मॉडिफिकेशन का क्रेज बढ़ गया है। कार और बाइक मॉडिफिकेशन का जुनून अब आपके लिए मुसीबत बन सकता है। अगर आप बाइक या कार मॉडिफाई कराने की सोच रहे हैं, तो आपकी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन भी रद्द हो सकता है। आपके लिए भारी साबित हो सकता है। कार के बेसिक स्ट्रक्चर से ‘छेड़छाड़’ कानून का उल्लंघन होता है। इन दिनों युवाओं में मॉडिफिकेशन को लेकर जबरदस्त क्रेज है। आपको बता दे मॉडिफिकेशन का साफ मतलब अपने वाहन को एक नया रूप देना है। फिर बात चाहे कार की हो या बाइक की। वहीं गाड़ी का मॉडिफिकेशन सबसे पहले टायर से होता है।

इन दिनों कार में अलग -अलग तरह के मॉडिफिकेशन का चलन बढ़ गया है। लोग दिखावे के लिए में लगातार प्रयोग कर रहे हैं जो रोड पर जाते ही उनका दिवाला निकाल देता है। क्योकिं आसान भाषा में कहे तो मॉडिफिकेशन वैध नहीं है। इसके कारण आपको सजा भी हो सकती है। आपको एक उदाहरण के रूप में समझाएं तो लोग अपनी गाड़ियों में प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल करने लगे हैं। यह प्रेशर हॉर्न पॉल्यूशन को बढ़ाता है, आरटीओ की तरफ से इसे बैन किया गया है। वाहन निर्माता की तरफ से दी जाने वाली ओरिजिनल स्पेसिफिकेशन को बनाए रखना जरूरी है। इसके कारण बाइक में एक्सटीरियर या इंजन के साथ किसी प्रकार का मॉडिफिकेशन गैर कानूनी है। ऐसे वाहन जिन्होंने रजिस्ट्रेशन के बाद अपनी कार या बाइक में मॉडिफिकेशन कराया है, ऐसा वाहनों का रजिस्ट्रेशन कैंसिल किया जा सकता है। आपको बता दे नियम के अनुसार बाइक या कार में रंग में छोटे-मोटे बदलाव या कोई अलग से छोटे-मोटे फिटमेंट ही आप करा सकते हैं। इसके अलावा कोई बड़ा बदलाव नहीं करा सकते हैं। स्ट्रक्चर बदलाव या फिर बैटरी, सीएनजी, सोलर पावर या एलपीजी पर वाहन चलाना या फिर किसी प्रकार की कन्वर्जन किट लगाना नियम के खिलाफ है। इसके लिए आपको आरटीओ की परमिशन लेना जरूरी है वरना आपका रजिस्ट्रेशन भी कट सकता है। कई लोग ओरिजिनल टायर की जगह चौड़े टायर लगवा लेते हैं नियम के मुताबिक यह अल्टरेशन भी गैर-कानूनी है।

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