“सवाल भी पूछेंगे और चर्चा भी नहीं होने देंगे?” कंगना रनौत का राहुल गांधी पर हमला

टपोरी की तरह व्यवहार करते हैं राहुल गांधी, उन्हें अपनी बहन से सीखना चाहिए', बोलीं कंगना रनौत - India TV Hindi

नई दिल्ली। भाजपा सांसद कंगना रनौत ने गुरुवार को संसद में विपक्ष के लगातार विरोध-प्रदर्शन को लेकर निशाना साधा। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि विपक्ष एक तरफ सरकार से सवालों के जवाब मांगता है, जबकि दूसरी ओर सदन में चर्चा का मौका मिलने पर उसे स्वीकार नहीं करता।

कंगना रनौत ने कहा कि संसद का माहौल लगातार खराब हो रहा है और विपक्ष के विरोध के कारण स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। उनकी यह प्रतिक्रिया दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की विपक्ष की मांग के बीच आई है।

रनौत ने कहा कि विपक्ष लगातार गृह मंत्रालय और सरकार से सवाल पूछ रहा है, लेकिन जब सरकार चर्चा के लिए तैयार होती है तो विपक्ष पीछे हट जाता है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ वह गृह मंत्रालय से जवाब मांगते हैं और दूसरी तरफ कहते हैं कि गृह मंत्री को बोलने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने सवाल किया कि यह किस तरह का व्यवहार है।

दरअसल, छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। विपक्ष की मांग थी कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में इस मामले पर जवाब दें। बुधवार को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और अमित शाह विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए सदन में मौजूद रहेंगे।

अमित शाह ने भी चर्चा की पेशकश करते हुए कहा था कि वह विपक्ष की बात सुनने और उठाए गए सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। हालांकि, राहुल गांधी ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को गृह मंत्री का भाषण नहीं चाहिए, बल्कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि छात्रों के खिलाफ कथित बल प्रयोग का आदेश किसने दिया था।

कंगना ने विपक्ष के इस रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब चर्चा की मांग की गई और सरकार चर्चा के लिए तैयार हुई, तब जवाब सुनने से इनकार करना समझ से परे है। उन्होंने विपक्ष पर ठोस मुद्दों की कमी का भी आरोप लगाया।

भाजपा सांसद ने कहा कि विपक्ष को विकास, अर्थव्यवस्था, देश की सुरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। उनके मुताबिक, संसद में लगातार विरोध और नारेबाजी करने के बजाय विपक्ष को सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेना चाहिए और सरकार से सवालों के जवाब लेने चाहिए।

इस पूरे विवाद के बीच मानसून सत्र गुरुवार को समाप्त हो गया। पूरे सत्र के दौरान छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई समेत कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बना रहा। विरोध-प्रदर्शनों और हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही भी कई बार बाधित हुई।

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