
उत्तर प्रदेश में आम लोगों को शुद्ध, सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग ने बड़े पैमाने पर ‘शुद्ध ही शुभ है’ विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत राज्यभर के प्रमुख शहरों में नामी फास्ट फूड चेन, रेस्तरां और मॉल स्थित फूड कोर्ट्स पर छापेमारी की गई। सोमवार को कानपुर नगर, आगरा, गाजियाबाद, प्रयागराज और वाराणसी में चलाए गए इस विशेष जांच अभियान के दौरान 180 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों की पड़ताल की गई।
देर शाम तक चली इस विस्तृत जांच के बाद भारी अनियमितता और गंदगी पाए जाने पर 110 से अधिक रेस्तरां को सुधार नोटिस (Improvement Notice) जारी किया गया है। वहीं, गंभीर लापरवाही बरतने वाले 12 प्रतिष्ठानों और 1 प्रमुख फूड कोर्ट का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर वहां खाद्य सामग्री की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक मानकों के अनुसार कमियां दूर नहीं की जातीं, तब तक इन संस्थानों को परिचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
कानपुर के रेव मोती मॉल का पूरी फूड कोर्ट सील, ला पीनोज़ में मिले कीड़े
जांच के दौरान सबसे बदतर हालात कानपुर नगर में देखने को मिले, जहां 38 टीमों ने 52 अलग-अलग इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। शहर के प्रसिद्ध रेव मोती मॉल के फूड कोर्ट में गंभीर अस्वच्छता, टूटी दीवारें और फर्श पर भोजन रखे पाए जाने के बाद वहां की सभी 10 दुकानों का कामकाज बंद करा दिया गया।
इसके अतिरिक्त सैफायर मॉल स्थित ला पीनोज पिज्जा (La Pino’z Pizza) में सॉस की एक्सपायर्ड बोतलें, खराब पनीर, कीड़े और शाकाहारी व मांसाहारी भोजन के लिए एक ही बर्तन के इस्तेमाल जैसी गंभीर कमियां पाई गईं, जिसके बाद लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई। वहीं, स्क्वायर मॉल के ‘Nii Haau’ और ‘बिरयानी क्वीन’ (जहाँ आटे में कीड़े और दूषित तेल मिला), स्वरूप नगर के ‘वेलफेल सैम’, किदवई नगर के ‘स्पाइसी फास्ट फूड’ और हरबंस मोहाल स्थित ‘ग्लोबल बेकर्स’ में खुले नालों के पास किचन संचालन व भारी गंदगी के कारण तत्काल प्रभाव से कारोबार बंद करने के आदेश जारी किए गए।
गाजियाबाद, आगरा, वाराणसी और प्रयागराज में भी गिरी गाज
अभियान के तहत गाजियाबाद में 36 टीमों ने रिकॉर्ड 80 आउटलेट्स की जांच कर साफ-सफाई, वेज-नॉनवेज के पृथक्करण और कच्चे माल की गुणवत्ता की जांच की। उधर आगरा के सदर बाजार स्थित प्रसिद्ध ‘द पार्क रेस्टोरेंट’ में जाम नाले और अत्यधिक गंदगी के कारण किचन को साफ-सफाई होने तक बंद करने की सिफारिश की गई।
वाराणसी में 20 टीमों की जांच के दौरान सारनाथ बिल्डिंग स्थित ‘कैफे कॉफी डे’ (CCD) में सीपेज, टूटा छत व अस्वच्छ शौचालय मिला, जबकि अर्दली बाजार स्थित ‘ला पीनोज’ में डस्टबिन के पास कीड़े और वेज-नॉनवेज पृथक्करण की व्यवस्था न होने पर कार्रवाई की गई। वहीं, प्रयागराज के पीवीआर मॉल स्थित ‘आर्यन फैमिली डेलाइट’ में कच्चे मीट की संदिग्ध गुणवत्ता और खाद्य पदार्थों के अनुचित भंडारण के कारण विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।
सिर्फ जुर्माना नहीं, गुणवत्ता सुधार है प्राथमिकता: FSDA
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें केवल पके भोजन की गुणवत्ता ही नहीं जांच रहीं, बल्कि पेस्ट कंट्रोल, ड्रेनेज सिस्टम, रॉ मटीरियल की पैकेजिंग तिथि, लेबलिंग और शाकाहारी-मांसाहारी भोजन को अलग रखने के वैज्ञानिक मानकों की भी पड़ताल कर रही हैं।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल व्यापारियों को दंडित करना नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मामूली कमियों वाले व्यापारियों को सुधार का अवसर दिया जा रहा है, लेकिन जहां लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ पाया जाएगा, वहां बिना किसी रियायत के प्रतिष्ठानों को बंद कराने और वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी।












