
उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। इसी कड़ी में श्रावस्ती जिले से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के खेमे से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। पार्टी ने एक कड़ा संगठनात्मक कदम उठाते हुए भिनगा विधानसभा सीट से साल 2022 में प्रत्याशी रहे कद्दावर नेता हाजी ददन खान को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। चुनाव से काफी पहले हुई इस अचानक और सख्त कार्रवाई ने जिले के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
अनुशासनहीनता और बिना अनुमति प्रचार बनी वजह
बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार गौतम ने इस कार्रवाई के पीछे की असली वजह अनुशासनहीनता को बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाजी ददन खान पार्टी हाईकमान की अनुमति के बिना ही खुद को आगामी चुनाव का संभावित उम्मीदवार घोषित कर क्षेत्र में जमकर प्रचार कर रहे थे। इसके अलावा उन पर संगठन के दिशा-निर्देशों की अनदेखी करने का भी गंभीर आरोप लगा है। जिलाध्यक्ष के मुताबिक, पार्टी के कड़े अनुशासन को तोड़ने के कारण ही उन्हें निष्कासित किया गया है। हालांकि, ददन खान अब किस नई पार्टी का दामन थामेंगे, इस सवाल पर जिलाध्यक्ष ने कोई जानकारी होने से इनकार किया।

ददन खान का पलटवार, बताया गहरी राजनीतिक साजिश
पार्टी से निकाले जाने के बाद हाजी ददन खान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को अपने खिलाफ रची गई एक गहरी राजनीतिक साजिश करार दिया है। ददन खान का कहना है कि भिनगा विधानसभा क्षेत्र में उन्हें हर समाज और वर्ग का जो अपार जनसमर्थन मिल रहा था, उससे कुछ विरोधी नेता पूरी तरह घबरा गए थे और इसी बौखलाहट में साजिश रचकर उन्हें पार्टी से बाहर करवा दिया। हैरानी की बात यह है कि ददन खान का दावा है कि उन्हें अपने निष्कासन की कोई आधिकारिक सूचना संगठन की तरफ से नहीं दी गई, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए उन्हें इसका पता चला। अब वह इस पूरे मामले में अपना पक्ष सीधे बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के सामने रखने की तैयारी कर रहे हैं।
‘मिशन 2027’ के लिए नहीं रुकेगी तैयारी, जनता के बीच रहेंगे सक्रिय
बसपा से भले ही ददन खान का पत्ता कट गया हो, लेकिन उनके हौसले पस्त नहीं हुए हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि पार्टी से निष्कासन के बाद भी उनकी राजनीतिक सक्रियता में कोई कमी नहीं आएगी। वह पहले की ही तरह भिनगा क्षेत्र की जनता के सुख-दुख में लगातार शामिल होते रहेंगे। ददन खान ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि अगर क्षेत्र की जनता उन्हें अपना आशीर्वाद देकर विधानसभा तक पहुंचाती है, तो वह बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान की मूल भावना के अनुरूप क्षेत्र के विकास और समस्याओं की आवाज सदन में बुलंद करेंगे। उनके इन बागी तेवरों के बाद अब हर किसी की नजर उनके अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हुई है।











