लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह मेहरबान हो गया है। भीषण गर्मी और उमस से बेहाल लोगों के लिए राहत भरी खबर है। लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य में मानसून के दोबारा सक्रिय होने से अगले तीन से चार दिनों तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और बिजली गिरने (वज्रपात) की आशंका जताई गई है। बारिश के इस दौर से तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
1 अगस्त तक जारी रहेगा झमाझम बारिश का दौर
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 28 जुलाई से 1 अगस्त तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है। मौसम में आए इस अचानक बदलाव को देखते हुए विभाग ने आम लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
दिल्ली-एनसीआर से लेकर मेरठ-मुजफ्फरनगर तक सुहावना हुआ मौसम
सक्रिय हुए मानसून का असर पश्चिमी यूपी के नोएडा, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर और सहारनपुर में साफ दिखाई दे रहा है। नोएडा और गाजियाबाद में लगातार हो रही रुक-रुक कर बारिश ने लोगों को उमस से बड़ी राहत दी है। वहीं मुजफ्फरनगर में घंटों हुई झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट तो आई, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन गई। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो 30 और 31 जुलाई को भी इन इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
लखनऊ, कानपुर समेत मध्य यूपी में भी छाएंगे बादल
पश्चिमी यूपी के साथ-साथ मध्य उत्तर प्रदेश में भी मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। अगले दो दिनों के दौरान राजधानी लखनऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, रायबरेली, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, औरैया, कन्नौज, फर्रुखाबाद और इटावा में रुक-रुक कर तेज गर्जना के साथ बारिश होने के आसार हैं। लगातार बादल छाए रहने से लोगों को चिपचिपी गर्मी से निजात मिलेगी।
लखीमपुर खीरी में उल नदी में दिखा मगरमच्छ, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट
बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने से एक अनोखा खतरा भी सामने आया है। लखीमपुर खीरी स्थित उल नदी में एक विशालकाय मगरमच्छ देखा गया है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर नदी किनारे जुटने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने हाई अलर्ट जारी किया है। वन अधिकारी के मुताबिक मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ने के लिए रेस्क्यू टीम लगातार प्रयास कर रही है।









