
जयपुर। राजस्थान में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों और उनके संगठित नेटवर्क के खिलाफ पुलिस और खुफिया एजेंसियों का बड़ा क्रैकडाउन जारी है। नागौर, भीलवाड़ा और अजमेर में हुई ताबड़तोड़ कार्रवाइयों के बाद मिले अहम सुरागों के आधार पर जयपुर पुलिस ने नारायण विहार इलाके में छापेमारी कर ‘रूबिया’ नाम की बांग्लादेशी महिला को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही पुलिस ने जयपुर से दो अन्य बांग्लादेशी युवकों को भी दबोचा है।
जांच में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। महिला ने भारत में अवैध रूप से रहने और अपनी पहचान छुपाने के लिए हिंदू रीति-रिवाज अपना रखे थे। वह मांग में सिंदूर लगाती थी और गले में मंगलसूत्र पहनती थी।
फर्जी शादी का ड्रामा या हकीकत? मोबाइल से मिलीं तस्वीरें
जयपुर (साउथ) के डीसीपी राजर्षि राज के अनुसार, हिरासत में ली गई महिला के मोबाइल फोन से एक हिंदू युवक के साथ शादी की कई तस्वीरें बरामद हुई हैं। पुलिस अब इस कोण से गंभीरता से जांच कर रही है कि यह विवाह वास्तविक है या फिर भारतीय नागरिकता का ढोंग रचने और सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए रचाया गया कोई सोचा-समझा नाटक है।
4 शहरों में एक ही पैटर्न, देह व्यापार से जुड़े तार
जांच एजेंसियों के मुताबिक नागौर, भीलवाड़ा, अजमेर और जयपुर से पकड़ी गई बांग्लादेशी महिलाओं के बीच गहरा आपसी कनेक्शन सामने आया है। सभी जगह एक ही पैटर्न देखने को मिला है- पहचान छिपाने के लिए स्थानीय हिंदू युवकों से शादी करना।
कड़ाई से की गई पूछताछ में सामने आया है कि इन महिलाओं को अवैध रास्तों के जरिए भारत में देह व्यापार (Prostitution) के नेटवर्क से जुड़े गिरोह लेकर आए थे। हालांकि, इनके किसी सीधे देशविरोधी या आतंकी संगठन से जुड़े होने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
असम सीमा से घुसपैठ, बांग्लादेशी पासपोर्ट पर नहीं मिली मुहर
जांच में पता चला है कि आरोपी महिला असम बॉर्डर के रास्ते अवैध रूप से भारतीय सीमा में दाखिल हुई थी। पुलिस को उसके पास से बांग्लादेश का मूल पासपोर्ट तो मिला है, लेकिन उस पर भारत में प्रवेश या वीजा की कोई वैध इमिग्रेशन मुहर नहीं लगी है। इसके अलावा उसके पास से एक संदिग्ध भारतीय आधार कार्ड भी बरामद हुआ है, जिसके फर्जी होने की पूरी संभावना है।
कोलकाता से बांग्लादेश तक फैला ‘हवाला’ नेटवर्क
अवैध कमाई और पैसों के लेनदेन की जांच में बड़े वित्तीय सिंडिकेट का पता चला है। भारत में देह व्यापार या अन्य अवैध गतिविधियों से कमाए गए रुपयों को कोलकाता में बैठे एजेंटों के जरिए ‘हवाला’ नेटवर्क के माध्यम से सीधे बांग्लादेश भेजा जाता था। फिलहाल, जयपुर पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां फर्जी दस्तावेज (Aadhaar Card) बनाने वाले गिरोह और हवाला कारोबारियों की धरपकड़ के लिए नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।









