राष्ट्रपति ट्रंप की हवाई सुरक्षा में बड़ी चूक: वाशिंगटन DC के आसमान में मरीन वन के करीब आया पैसेंजर जेट, FAA ने शुरू की जांच

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हवाई सुरक्षा में एक बड़ी चूक का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन DC के ऊपर राष्ट्रपति के विशेष हेलिकॉप्टर ‘मरीन वन’ के बेहद करीब एक कमर्शियल पैसेंजर जेट आ गया। विमानों के बीच निर्धारित दूरी के नियम टूटने के बाद फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) हरकत में आ गया है और इस हवाई सुरक्षा घटना की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी गई है।

एयर ट्रैफिक कंट्रोलर की चूक: मरीन वन की टेकऑफ के समय नहीं रोकी गई उड़ानें

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मंगलवार दोपहर जब राष्ट्रपति ट्रंप को लेकर मिलिट्री हेलिकॉप्टर मरीन वन ने व्हाइट हाउस के पास एलिप्स से दोपहर 2:33 बजे उड़ान भरी, उस वक्त एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (ATC) की लापरवाही सामने आई। एटीसी उत्तरी वर्जीनिया के रोनाल्ड रीगन नेशनल एयरपोर्ट पर कमर्शियल उड़ानों को समय पर रोकने में विफल रहा। इसी दौरान पेन्साकोला जा रहे एनवॉय एयर (Envoy Air) के कमर्शियल जेट एम्ब्रेयर E170 ने रीगन एयरपोर्ट से दोपहर 2:34 बजे उड़ान भरी थी।

नियम टूटा लेकिन टला बड़ा हादसा, तीसरे विमान को भी हवा में चक्कर लगाने का निर्देश

हवाई मानकों (FAA Rules) के अनुसार एयरपोर्ट के आसपास विमानों के बीच कम से कम 1.5 मील की क्षैतिज (Horizontal) और 500 फीट की ऊर्ध्वाधर (Vertical) दूरी होना अनिवार्य है। सूत्र के मुताबिक, हवा में ‘लॉस ऑफ सेपरेशन’ (दूरी कम होना) की स्थिति बनी और दोनों विमान तय मानक से अधिक पास आ गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि दोनों विमान आपस में टकराने के सीधे रास्ते पर नहीं थे। इसी बीच वाशिंगटन आ रहे एक तीसरे विमान ‘रिपब्लिक 4700’ को भी सुरक्षा कारणों से रीगन एयरपोर्ट से 3 मील दूर हवा में ही चक्कर लगाने का निर्देश दिया गया।

व्हाइट हाउस का दावा: ‘राष्ट्रपति को कोई खतरा नहीं था’

मामले के तूल पकड़ने के बाद व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि मरीन वन को दुनिया के सबसे कुशल पायलट उड़ाते हैं और राष्ट्रपति ट्रंप किसी भी समय किसी खतरे में नहीं थे। वहीं FAA का कहना है कि वे मरीन वन की सुरक्षा से जुड़ी इस दूरी उल्लंघन की जांच के लिए एक विशेष समीक्षा टीम गठित कर रहे हैं, हालांकि प्रथम दृष्टया यह टकराने जैसी खतरनाक स्थिति नहीं थी।

पिछले साल हुए भीषण हादसे के बाद लागू किए गए थे कड़े नियम

उल्लेखनीय है कि पिछले साल जनवरी में राजधानी के ऊपर एक कमर्शियल एयरलाइनर और सेना के ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर के बीच भीषण टक्कर हो चुकी है, जिसमें 67 लोगों की मौत हो गई थी। उस दर्दनाक हादसे में अमेरिकी सरकार ने FAA और सेना की लापरवाही की बात स्वीकार की थी। इस हादसे के बाद ही रीगन नेशनल एयरपोर्ट के आसपास दूरी के नियमों को बेहद सख्त किया गया था। ऐसे में राष्ट्रपति के हेलिकॉप्टर के साथ दोबारा ऐसा सुरक्षा उल्लंघन होना अमेरिकी विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

 

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