मुंबई। फिल्म ‘धुरंधर’ के हिट गाने ‘शरारत’ से जबरदस्त सुर्खियों में आईं बॉलीवुड एक्ट्रेस आयशा खान के प्रशंसकों के लिए राहत की खबर है। मुंबई के दादर इलाके में चल रहे नीट (NEET) अभ्यर्थियों के समर्थन में स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस हिरासत में ली गईं आयशा खान को 2 घंटे बाद वर्ली थाने से सकुशल रिहा कर दिया गया है।
रिहाई से पहले आयशा ने पुलिस वैन और थाने के अंदर से एक वीडियो मैसेज जारी कर साफ किया था कि उन्होंने न तो कोई उकसाने वाला काम किया और न ही कोई नारेबाजी की, वे सिर्फ शांतिपूर्ण तरीके से सड़क पर खड़ी थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
‘ना कोई पॉलिटिकल एजेंडा, ना नारेबाजी’: यूट्यूब इंटरव्यू में आयशा का खुलासा
रिहा होने के बाद एक प्रमुख यूट्यूब चैनल को दिए साक्षात्कार में आयशा खान ने पूरी घटना का ब्योरा साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी राजनीतिक पार्टी या एजेंडे के तहत दादर नहीं पहुंची थीं, बल्कि केवल देश के लाखों छात्रों के सुरक्षित भविष्य और उनके हक के लिए वहां गई थीं। लेकिन जैसे ही वे मौके पर पहुंचीं, पुलिस ने उन पर और उनके साथियों पर कार्रवाई शुरू कर दी।
‘शांतिपूर्ण खड़े थे, बिना वॉर्निंग पुलिस वैन में ठूंसा’
पुलिसिया कार्रवाई पर दुख जताते हुए आयशा ने कहा, “हम वहां बेहद शांति से सिर्फ नीट स्टूडेंट्स के पक्ष में खड़े थे। लेकिन बिना किसी पूर्व चेतावनी या बातचीत के पुलिस ने हमें जबरदस्ती वैन में भरना शुरू कर दिया। मैं किसी सरकार या पार्टी के खिलाफ नहीं हूं, मैं सिर्फ पारदर्शिता और जवाबदेही चाहती हूं। अगर देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, तो सवाल पूछना हर भारतीय नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।”
वर्ली थाने में कैसा रहा अनुभव?
थाने के अंदर के माहौल पर बात करते हुए आयशा ने बताया कि वर्ली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों का रवैया सहयोगात्मक और ठीक था। पुलिस अधिकारियों को भी जल्द ही अहसास हो गया कि उन्होंने या उनके साथियों ने कोई कानून नहीं तोड़ा है, जिसके चलते औपचारिकताएं पूरी कर 2 घंटे के भीतर उन्हें छोड़ दिया गया।
संवेदनशील मुद्दों पर बॉलीवुड स्टार्स की चुप्पी पर उठाये सवाल
सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के शांत रहने के सवाल पर आयशा खान ने निडरता से जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मैं समझती हूं कि कई एक्टर्स विवादों और ट्रोलिंग से बचने के लिए ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर बोलने से कतराते हैं। लेकिन जब मामला देश के स्टूडेंट्स के भविष्य और इंसानियत से जुड़ा हो, तो एक कलाकार होने के नाते पीछे हटना पूरी तरह गलत है। हमें अपनी जिम्मेदार आवाज उठानी ही होगी।”
उल्लेखनीय है कि देश में नीट पेपर लीक और धांधली को लेकर दिल्ली से लेकर मुंबई तक बड़े पैमाने पर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। आयशा भी इसी कड़ी में दादर में आयोजित स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट का हिस्सा बनने पहुंची थीं, जहां से उन्हें हिरासत में लिया गया था।













