संसद का मानसून सत्र: संसद में आज हंगामे के आसार, केंद्र सरकार पेश करेगी लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026; रणनीति बनाने में जुटा विपक्ष

नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोमवार को संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही एक बार फिर शुरू होने जा रही है। पेपर लीक विवाद और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर मानसून सत्र के दौरान लगातार भारी हंगामा देखने को मिला है। हालांकि, सोमवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि केंद्र सरकार पेपर लीक रोकने के लिए लोकसभा में सख्त प्रावधानों वाला ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश करने जा रही है।

कानून को मजबूत बनाने के लिए बिल में 7 प्रमुख संशोधन, फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव

केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह लोकसभा में इस विधेयक को पेश करेंगे और इसे पारित कराने का प्रस्ताव रखेंगे। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में 24 जुलाई को इस विधेयक को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कानून को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसे जल्द से जल्द संसद में पेश करने के निर्देश दिए थे।

इस संशोधित बिल में कानून की प्रवर्तन कमियों को दूर करने, एक समर्पित न्यायिक प्रणाली बनाने और आपराधिक सुनवाई में तेजी लाने के लिए 7 प्रमुख बदलाव शामिल किए गए हैं:

  • स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट: राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह अधिकार होगा कि वे सत्र न्यायालयों को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट के रूप में नामित कर सकें।

  • सख्त समय सीमा: चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर ट्रायल पूरा करना अनिवार्य होगा और सुनवाई रोजाना आधार पर चलेगी।

परीक्षा सुधारों के लिए 6 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन

एक तरफ सरकार विधायी बदलाव कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) समेत पूरे परीक्षा ढांचे में सुधार के लिए छह सदस्यीय उच्चस्तरीय टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया है। इंफोसिस के सह-संस्थापक और आधार के आर्किटेक्ट नंदन नीलेकणि को इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता सौंपी गई है, जो परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर काम करेगी।

विपक्ष की नई रणनीति: अब प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह निशाने पर

संसद की कार्यवाही से ठीक पहले सुबह 10 बजे राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलाई गई है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद अब विपक्ष ने सरकार पर दबाव और बढ़ा दिया है।

विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे विधायी कामकाज और बहस के लिए तैयार हैं, बशर्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद सदन में आकर NEET-UG पेपर लीक पर आधिकारिक बयान दें। इसके साथ ही, प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित पुलिस बर्बरता को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दल सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग रहे हैं।

राहुल गांधी ने अमित शाह को लिखा पत्र

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि क्या प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन जैसे बल प्रयोग की अनुमति दी गई थी? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का मौलिक अधिकार है और सरकार को बातचीत के जरिए छात्रों की शिकायतों का हल निकालना चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि विपक्ष अब किसी एक मंत्री के बजाय सीधे शीर्ष नेतृत्व को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है, जिससे सोमवार को भी संसद में तीखी बहस और हंगामे के पूरे आसार हैं।

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