संसद में आज पेपर लीक बिल पर महामंथन: 6 घंटे होगी चर्चा, राहुल गांधी और अखिलेश यादव रखेंगे पक्ष; जानें कानून में क्या होंगे बदलाव

नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के दूसरे हफ्ते की शुरुआत भी भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई। दिल्ली और बिहार में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष के जोरदार विरोध-प्रदर्शन के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर बाधित रही। इस हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026’ को लोकसभा में पेश कर दिया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के हस्तक्षेप के बाद मंगलवार को इस विधेयक पर विस्तृत चर्चा कराने को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बन गई है।

राहुल गांधी और अखिलेश यादव पेश करेंगे विपक्ष का पक्ष, 93 संशोधनों का प्रस्ताव

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को लोकसभा में एंटी-पेपर लीक संशोधन बिल पर करीब 6 घंटे तक बहस होगी। चर्चा के दौरान विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव मोर्चा संभाल सकते हैं। इस बिल की कमियों को उजागर करने और इसे अधिक पारदर्शी बनाने के लिए विपक्षी दलों ने करीब 93 संशोधनों का प्रस्ताव तैयार किया है। सुबह विपक्षी नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक होगी जिसमें सदन के भीतर की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।

सोमवार को क्यों ठप रही संसद की कार्यवाही?

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद माना जा रहा था कि सदन में गतिरोध खत्म होगा, लेकिन छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर माहौल और गरमा गया। दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित पैलेट गन के इस्तेमाल पर राहुल गांधी ने पहले ही गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा था। वहीं, सोमवार को बिहार में छात्रों पर कथित पुलिस गोलीबारी का मुद्दा उठते ही हंगामा उग्र हो गया। विपक्ष गृह मंत्री से सीधे जवाब की मांग पर अड़ा रहा, जिसके चलते लोकसभा को तीन बार स्थगित करने के बाद अंततः दिनभर के लिए स्थगित करना पड़ा।

विपक्ष की नई रणनीति: अब राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर घेराबंदी

संसद का कामकाज सुचारू रूप से चलाने पर सहमति बनने के बावजूद राजनीतिक सरगर्मियां कम होने के आसार नहीं हैं। पेपर लीक और छात्रों के उत्पीड़न के मुद्दे के बाद अब विपक्षी दल अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर सरकार को घेरने की योजना बना रहे हैं। मंगलवार की सुबह होने वाली विपक्षी नेताओं की बैठक में इस मुद्दे को सदन में उठाने का खाका खींचा जाएगा।

क्या हैं ‘एंटी-पेपर लीक बिल 2026’ के सख्त प्रावधान?

सदन में पेश किए गए नए विधेयक में पेपर लीक माफिया और सॉल्वर गैंग के खिलाफ बेहद कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं:

  • फास्ट ट्रैक कोर्ट: हर राज्य में पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें बनेंगी, जिन्हें 2 महीने के भीतर जांच पूरी करनी होगी।

  • व्यक्तिगत अपराध पर सजा: व्यक्तिगत रूप से धांधली करने वालों के लिए जेल की सजा 5 से 10 वर्ष और जुर्माना 50 लाख रुपये तक करने का प्रस्ताव है (मौजूदा कानून में यह 3 से 5 साल की जेल थी)।

  • संगठित अपराध (एग्जाम माफिया): सॉल्वर गैंग और संगठित माफिया के लिए न्यूनतम 7 साल की जेल से लेकर और 10 करोड़ रुपये तक के भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

 

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