उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से अपराध की दुनिया को छोड़ मुख्यधारा में लौटने की एक बेहद अनोखी और सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। यूपी में अपराधियों और गोकशों पर लगातार हो रहे कड़े पुलिस एक्शन और एनकाउंटर के खौफ के बीच, गोकशी के मामलों में पहले संलिप्त रहे 47 आरोपी खुद चलकर चिलकाना थाने पहुंच गए। इन सभी लोगों ने पुलिस अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण की मुद्रा में खड़े होकर भविष्य में अपराध की दुनिया से हमेशा-हमेशा के लिए दूरी बनाने का संकल्प लिया। थाने पहुंचे इन सभी सुधार की राह पर चल पड़े लोगों के हाथों में संदेश लिखे पोस्टर थे, जिन पर उनके नाम के साथ साफ शब्दों में लिखा था कि वे अब कभी भी गोकशी या कोई अन्य अपराध नहीं करेंगे।
“मैं सलमान हूं, मैं आमिर हूं”… थाने में अपराधियों ने बारी-बारी से ली सामूहिक शपथ
थाना चिलकाना परिसर में जब ये 47 पूर्व आरोपी एक साथ पहुंचे, तो वहां मौजूद पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। इसके बाद सभी ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने बेहद अनुशासित तरीके से कतार में खड़े होकर बारी-बारी से अपना परिचय देना शुरू किया। किसी ने कहा, “मैं सलमान हूं”, तो किसी ने अपना नाम “आमिर” और “रुस्तम” बताते हुए हाथ जोड़कर शपथ ली कि अब वे कभी गोकशी जैसा संगीन और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला अपराध नहीं करेंगे।
व्यक्तिगत परिचय के बाद सभी 47 लोगों ने सामूहिक रूप से हाथ आगे बढ़ाकर शपथ ली। उन्होंने संकल्प लिया कि वे अब किसी भी गलत रास्ते पर नहीं जाएंगे, बल्कि दिन-रात मेहनत-मजदूरी कर पूरी ईमानदारी के साथ अपने परिवार का पालन-पोषण करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने देश के कानून का पूरा सम्मान करने और समाज में एक जिम्मेदार व शांतिप्रिय नागरिक के रूप में जीवन व्यतीत करने का वादा किया।
सुधरने वालों में गैंगस्टर एक्ट के आरोपी भी शामिल, पुलिस की मुहिम लाई रंग
सहारनपुर के एसपी सिटी (SP City) व्योम बिंदल ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि थाने पहुंचे इन 47 लोगों में कई शातिर और पेशेवर अपराधी भी शामिल थे, जिनके खिलाफ पूर्व में गोकशी और गोवध निवारण अधिनियम के तहत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिनकी आपराधिक हिस्ट्री को देखते हुए पूर्व में उनके खिलाफ सख्त गैंगस्टर एक्ट (Gangster Act) के तहत कुर्की और जेल की कार्रवाई की जा चुकी है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि जिले में अपराध की रोकथाम, कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और समाज में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से लगातार अपराधियों पर दबाव बनाया जा रहा था। इसी का नतीजा है कि आज ये लोग खुद आगे आकर मुख्यधारा से जुड़ने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस का मानना है कि जब अपराध की दुनिया से जुड़े लोग स्वयं इस तरह का संकल्प लेते हैं, तो इससे पूरे समाज में एक बहुत अच्छा और दूरगामी संदेश जाता है।
औपचारिकता नहीं, व्यवहार में लाना होगा संकल्प; दोबारा गलती की तो खैर नहीं
इस आत्मसमर्पण और संकल्प सभा के दौरान पुलिस अधिकारियों ने सभी 47 आरोपियों को बेहद सख्त लहजे में आगाह भी किया। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इनमें से कोई भी व्यक्ति दोबारा गोकशी, गोवंश की तस्करी या किसी भी अन्य छोटी-बड़ी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कानून के अनुसार सबसे कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अपराध से दूरी बनाने का यह संकल्प केवल पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए एक औपचारिकता मात्र नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे इन्हें अपने वास्तविक जीवन और व्यवहार में भी पूरी तरह से उतारना होगा।
पुलिस ने बनाया अपना ‘सीक्रेट इन्फॉर्मर’, आसपास नजर रखने की दी हिदायत
थाना चिलकाना पुलिस ने इस मौके का फायदा उठाते हुए इन सभी सुधर रहे लोगों को कानून व्यवस्था बनाए रखने में मददगार बनने की भी सलाह दी। पुलिस ने इन लोगों से यह अपेक्षा की कि चूंकि वे पहले इस माहौल में रह चुके हैं, इसलिए यदि उनके आसपास या गांव में कोई भी दूसरा व्यक्ति गोकशी या अन्य किसी भी तरह की संदिग्ध और आपराधिक गतिविधियों में शामिल दिखाई दे, तो उसकी गुप्त सूचना तुरंत पुलिस को दें।
ऐसा करने से पुलिस समय रहते अपराधियों पर नकेल कस सकेगी। अधिकारियों का निष्कर्ष है कि अपराधियों के साथ इस तरह का सीधा संवाद और उनका स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करना, अपराध की पुनरावृत्ति (रिपीटेशन) को रोकने और समाज में कानून के प्रति आम जनता का विश्वास बढ़ाने की दिशा में योगी सरकार की पुलिस का एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है।













