सावन में शिवलिंग के सामने जलाएं इन खास चीजों का दीपक, प्रसन्न होंगे महादेव; स्कंद पुराण में बताया गया है विशेष महत्व

भगवान शिव का अतिप्रिय सावन का पवित्र महीना जल्द ही शुरू होने वाला है। द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल 30 जुलाई से सावन माह का शुभारंभ हो रहा है, जिसका समापन सावन पूर्णिमा के दिन होगा। सावन का पूरा महीना भोलेनाथ की भक्ति, उपासना और साधना के लिए समर्पित माना जाता है। इस दौरान देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, वहीं कांवड़िए पवित्र नदियों से जल लाकर महादेव का जलाभिषेक करते हैं।

शास्त्रों में सावन के दौरान शिव जी का रुद्राभिषेक और जलाभिषेक करना अत्यंत फलदायी माना गया है। लेकिन सनातन धर्म में पूजा-पाठ के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। किसी भी पूजा में दीपक प्रज्वलित करने का विशेष धार्मिक महत्व है, क्योंकि बिना दीपक के कोई भी अनुष्ठान पूर्ण नहीं माना जाता। ‘स्कंद पुराण’ के अनुसार, सावन के महीने में शिवलिंग के सामने अलग-अलग तेल और घी का दीपक जलाने से अलग-अलग मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

कुसुम के तेल का दीपक: बढ़ेगा सुख और वैभव

सावन के पवित्र महीने में शिवलिंग के समक्ष कुसुम के तेल का दीपक जलाना बेहद शुभ माना गया है। स्कंद पुराण के अनुसार, कुसुम का दीपक जलाने से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और साधक को जीवन में सुख, समृद्धि तथा वैभव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।

अलसी के तेल का दीपक: मिलेगा अक्षय पुण्य

यदि आपको कुसुम का तेल उपलब्ध न हो, तो अलसी के तेल का दीपक प्रज्वलित करना भी उतना ही फलदायी है। स्कंद पुराण में अलसी के तेल से जलने वाले दीपक को कुसुम के तेल के समान ही पुण्यदायी बताया गया है। सावन में रोजाना सुबह या शाम को अलसी के तेल का दीपक जलाने से मानसिक शांति और शिव कृपा मिलती है।

तिल के तेल का दीपक: मिलेगी आध्यात्मिक शांति और खुशियां

सनातन परंपरा में तिल के तेल को अत्यंत पवित्र और शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करने से घर-परिवार में खुशहाली आती है और साधक को आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति होती है। ऐसा माना जाता है कि इस दीपक से आसपास सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

देशी घी का दीपक: महादेव को है अतिप्रिय

शास्त्रों में देशी घी के दीपक को सभी दीपकों में सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया गया है। शुद्ध घी का दीपक भगवान भोलेनाथ को बेहद प्रिय है। सावन के महीने में सुबह और संध्या आरती के समय शिवलिंग के सामने घी का दीपक जलाकर आरती करने से पारिवारिक कष्ट दूर होते हैं और आरोग्य की प्राप्ति होती है।

कपूर, धूप और अगरु का भी रखें ध्यान

स्कंद पुराण में केवल दीपक ही नहीं, बल्कि पूजन सामग्री में कपूर, अगरु और धूप के इस्तेमाल का भी विशेष महत्व बताया गया है। सावन में महादेव की पूजा करते समय इन पावन सामग्रियों का उपयोग करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और वातावरण शुद्ध बना रहता है।

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