
नई दिल्ली। सरकारी तेल एवं गैस कंपनी ONGC को दिसंबर 2026 में नया चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मिल सकता है। मौजूदा चेयरमैन एवं एमडी अरुण कुमार सिंह का कार्यकाल दिसंबर में समाप्त होने वाला है। इससे पहले सरकार ने उनके उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की शुरुआती स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है। कुल 18 उम्मीदवारों में से सात नामों को अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। अब इन उम्मीदवारों के नाम सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी के सामने इंटरव्यू के लिए भेजे जा सकते हैं।
18 उम्मीदवारों में से 7 नाम शॉर्टलिस्ट
चयन प्रक्रिया से जुड़े लोगों के अनुसार, 18 अगस्त को ONGC के शीर्ष पद के लिए आवेदन करने वाले 18 उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग की गई थी। इसके बाद सात उम्मीदवारों को अगले चरण के लिए चुना गया है।
इनमें ऑयल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन एवं एमडी रंजीत रथ को प्रमुख दावेदारों में माना जा रहा है। 54 वर्षीय रंजीत रथ इस पद के लिए दूसरी बार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने पिछले साल भी ONGC चेयरमैन पद के लिए आवेदन किया था, लेकिन उस समय सरकार ने अरुण कुमार सिंह का कार्यकाल आगे बढ़ाने का फैसला किया था।
शॉर्टलिस्ट किए गए अन्य उम्मीदवारों में ONGC विदेश लिमिटेड (OVL) के एमडी राजर्षि गुप्ता, ONGC के टेक्नोलॉजी एवं रीजनल सर्विसेज डायरेक्टर विक्रम सक्सेना और स्ट्रैटेजी एवं कॉर्पोरेट अफेयर्स डायरेक्टर सत्यम कुमार शामिल हैं।
इसके अलावा OVL के ऑपरेशंस डायरेक्टर दुलाल हलदर, MRPL के डायरेक्टर (फाइनेंस) देवेंद्र कुमार और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर (मार्केटिंग) एसपी श्रीवास्तव भी इस दौड़ में हैं।
उम्र सीमा में इस बार मिली विशेष छूट
ONGC चेयरमैन पद की इस चयन प्रक्रिया में उम्र सीमा को लेकर भी बदलाव किया गया है। सरकार ने इस बार एक बार के लिए अधिकतम आयु सीमा में छूट दी है।
इसके तहत रिक्ति की तारीख यानी 7 दिसंबर 2026 को उम्मीदवार की उम्र 59 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। सामान्य तौर पर आंतरिक उम्मीदवारों के लिए अधिकतम उम्र सीमा 58 वर्ष और बाहरी उम्मीदवारों के लिए 57 वर्ष बताई जाती है।
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में अधिकारियों की सामान्य सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष होती है। ऐसे में इस बार बढ़ाई गई उम्र सीमा ने चयन प्रक्रिया को खास बना दिया है।
राजर्षि गुप्ता की उम्र पर उठ रहे सवाल
शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों में राजर्षि गुप्ता का नाम आने के बाद उम्र सीमा को लेकर सवाल भी सामने आए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 7 दिसंबर 2026 को उनकी उम्र करीब 59 वर्ष और पांच महीने होने का अनुमान है।
चयन प्रक्रिया से जुड़े कुछ लोगों का मानना है कि उम्र सीमा के कारण आवेदन नहीं कर पाने वाले उम्मीदवार उनकी संभावित नियुक्ति को चुनौती देने का प्रयास कर सकते हैं। हालांकि, यह फिलहाल संभावित आपत्ति है और नियुक्ति से पहले अंतिम चयन का फैसला होना बाकी है।
चयन विज्ञापन में रिक्ति की तारीख पर अधिकतम उम्र 59 वर्ष निर्धारित किए जाने की बात कही गई थी। इसके बाद 60 वर्ष से आगे सेवा या विस्तार अलग नियमों के तहत संभव हो सकता है।
तीन सदस्यीय कमेटी करेगी नए चेयरमैन का चयन
ONGC के नए चेयरमैन एवं एमडी का चयन तीन सदस्यीय सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी करेगी। इसमें पब्लिक एंटरप्राइजेज सिलेक्शन बोर्ड (PESB) के चेयरपर्सन, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव और इंडियन ऑयल के एक पूर्व चेयरमैन बतौर बाहरी विशेषज्ञ शामिल हैं।
सरकार ने इस बार उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया है। नए प्रावधानों के तहत उम्मीदवार के पास इंजीनियरिंग, चार्टर्ड अकाउंटेंसी या कॉस्ट अकाउंटेंसी में डिग्री के साथ फर्स्ट क्लास ग्रेजुएशन की योग्यता होनी चाहिए।
इसके अलावा बड़े संस्थान से फुल-टाइम MBA या PGDIM जैसी योग्यता रखने वाले उम्मीदवार भी पात्रता के दायरे में आ सकते हैं।
रंजीत रथ क्यों हैं मजबूत दावेदार?
रंजीत रथ अगस्त 2022 से ऑयल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन एवं एमडी हैं। ऑयल इंडिया देश की प्रमुख सरकारी तेल एवं गैस खोज और उत्पादन कंपनियों में शामिल है।
ONGC के शीर्ष पद के लिए रथ पहले भी अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं। पिछले साल आवेदन के बावजूद उनका चयन नहीं हुआ था, क्योंकि सरकार ने अरुण कुमार सिंह को एक साल का अतिरिक्त कार्यकाल देने का फैसला किया था।
अब अरुण कुमार सिंह का विस्तारित कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाला है। ऐसे में ONGC के नए प्रमुख की तलाश फिर शुरू हो गई है और रंजीत रथ को इस बार भी मजबूत दावेदारों में गिना जा रहा है।
ONGC में पहले भी दिखी नेतृत्व की अस्थिरता
ONGC में पिछले कुछ वर्षों में शीर्ष नेतृत्व को लेकर बदलाव देखने को मिले हैं। अप्रैल 2021 से दिसंबर 2022 के बीच कंपनी के पास कोई पूर्णकालिक प्रमुख नहीं था। इस दौरान तीन अंतरिम चेयरमैन ने कंपनी की जिम्मेदारी संभाली थी।
दिसंबर 2022 में अरुण कुमार सिंह ने ONGC के चेयरमैन एवं एमडी का पद संभाला। इससे पहले वह भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के चेयरमैन एवं एमडी रह चुके थे।
वर्ष 2022 में अरुण कुमार सिंह की नियुक्ति के समय भी उम्र सीमा में विशेष छूट दी गई थी। बाद में पिछले साल उनका कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ाया गया। अब दिसंबर 2026 में उनका विस्तारित कार्यकाल पूरा होने के साथ ही ONGC को नया नेतृत्व मिलने की संभावना है।














