आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूती से बढ़ रहा है भारत

जितेंद्र शर्मा
मथुरा,भारत ने निर्यात के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। वर्तमान में भारत का निर्यात अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। केंद्र सरकार की नीतियों के चलते भारत के निर्यात में 43.18 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस बढोत्तरी के साथ भारत का निर्यात अपने उच्चतर स्तर 417.81 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। यह आंकड़ा 31 मार्च 2022 तक का है। भारत सरकार की ओर से जो बयान जारी किया गया है उसके अनुसार वित्त वर्ष 2021-22 में निर्यात 43.18 फीसदी यानि 291.81 बिलियन डॉलर बढ़ा है जबकि 2020-21 में इसमे 33.33 फीसदी यानि 313.36 बिलियन डॉलर की बढ़ोत्तरी हुई थी।
देश में पहली बार मासिक निर्यात 40 बिलियन डॉलर के शिखर पर पहुंचा है। मार्च 2022 में निर्यात 40.38 बिलियन डॉलर का था जोकि मार्च 2021 की तुलना में 14.53 फीसदी अधिक है। 2021 मार्च में निर्यात 35.26 बिलियन डॉलर का था। वहीं मार्च 2020 की बात करें तो उस वक्त निर्यात 21.49 बिलियन डॉलर का था। 31 मार्च 2022 तक वित्त वर्ष में आयात 610.22 बिलियन डॉलर का रहा है, जबकि 2019-20 में यह 474.71 बिलियन डॉलर था। मार्च 2022 में गैर पेट्रोलियम का निर्यात मार्च 2022 में 33 बिलिनय डॉलर का था, जोकि पिछले साल की तुलना में 4.28 फीसदी अधिक है।

भारत ने सबसे ज्यादा निर्यात अमेरिका को किया

रिपोर्ट के अनुसार भारत ने सबसे ज्यादा निर्यात अमेरिका को किया है। अमेरिका के बाद दूसरे पायदान पर संयुक्त अरब अमीरात है, तीसरे नंबर पर चीन, चौथे पर बांग्लादेश, पांचवे पर नीदरलैंड है। पीएम मोदी ने भारत की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक मील का पत्थर है। बता दें कि भारत ने पेट्रोलियम प्रोडक्ट, ज्वेलरी, केमिकल पदार्थ और इंजीनियरिंग के सामान का बड़ी मात्रा में निर्यात किया, जिसकी वजह से देश इस कीर्तिमान पर पहुंचा है।

आयात घटाने को लेकर उठाने होंगे महत्वपूर्ण कदम

भारत सुपर पावर बनने के लिए हर क्षेत्र में कार्य कर रहा है सरकार के प्रयासों से निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है लेकिन आयात अभी भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती है वर्तमान में भारत का आयात अभी भी निर्यात की तुलना में अधिक है और यह 610.22 बिलियन डॉलर का है, जिसके चलते देश को 191.41 बिलियन डॉलर का व्यापार घाटा हुआ है। इसको लेकर सरकार को काम करना होगा जिस से आयात घाटे में कमी की जा सके

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