
कानपुर। शहर में चिलचिलाती धूप में जलन बढ़ गई है। मरुस्थलीय क्षेत्रों से आ रहीं हवाओं में नमी की मात्रा का कम होना इसकी बड़ी वजह है। शनिवार को हवा में नमी की मात्रा इस महीने में सबसे कम रिकार्ड की गई। दिन की हवा की नमी में 11 प्रतिशत और रात की हवा में नमी तीन प्रतिशत घटकर सबसे निचले स्तर पर रही। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे इसी तरह की स्थिति बनी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार की गर्मी में ऐसी स्थिति पहली बार देखी जा रही है। इसकी वजह से तापमान भले ही एक दो डिग्री नीचे लुढ़क जाए लेकिन हवा में जलन कम नहीं होती है। ऐसे में देर तक धूप में रहने से चमड़ी झुलसने और दिमाग को झटका लगने की संभावना रहती है। सीएसए के मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन पांडेय ने बताया कि शहरी क्षेत्र में पेड़ कम होने की वजह से भी हवा में नमी कम हो जाती है। इसे सूखी गर्मी भी कहते हैं। पिछले दो दिनों में तेज धूप रही।
गर्मी की मार,डायरिया से बच्चे की मौत, घार की किडनी फेल
तीन दिन से पड़ रही तपनभरी गर्मी ने बड़ों के साथ बच्चों के लिए आफत पैदा कर दी है। रविवार दोपहर में डायरिया से बच्चे की मौत हो गई, जबकि चार मरीजों की किडनी फेल हो गई। सभी को हैलट इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है। 24 घंटे में हैलट इमरजेंसी में गर्मी के कारण डिहाईड्रेशन और शुगर लो होने पर 13 मरीजों को भर्ती किया गया है।कल्याणपुर के इन्द्रानगर के रहने वाले आयुष (8) का शनिवार दोपहर से निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। सुबह से तबीयत बिगड़ने पर हैलट के बाल रोग अस्पताल लाया गया। तीन घंटे में तीन ड्रिप चढ़ाने के बावजूद उसने दोपहर एक बजे दमतोड़ दिया। मेडिसिन हेड प्रो.रिचा गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी पहले से बीमार लोगों के लिए भारी पड़ रही है।दोपहर में बहुत जरूरी हो तो ही बाहर निकलें। डिहाइड्रेशन और किडनी के मरीजों की भीड़ आ रही है।
अभी हीट वेव से नहीं मिलेगी राहत
उत्तर पश्चिमी हवाओं का कहर शहर में जारी है। रविवार डेढ़ से ढाई बजे के बीच पारा 48 डिग्री पार कर गया। वैसे भी शहर प्रदेश में दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। यहां के एयर फोर्स वेदर स्टेशन पर तापमान 46.6 डिग्री पहुंच गया। शहर में दोपहर बाद तेज लू के थपेड़े चले जिससे राहगीरों को खुले में चलना दुश्वार हो गया। सीएसए सेंटर पर अधिकतम तापमान 43.4 रहा जबकि शुक्रवार को यहां पारा 44.5 डिग्री रहा था। एयर फोर्स वेदर स्टेशन पर न्यूनतम तापमान 27.3 और सीएसए में 25 डिग्री रिकॉर्ड हुआ।
परीक्षाएं बनीं छात्रों की मुसीबत
सीबीएसई और सीआईएससीई व सीएसजेएमयू की परीक्षाएं भी छात्र-छात्राओं के लिए मुसीबत बन गईं। परीक्षा के दौरान और परीक्षा छूटने के समय छात्र-छात्राओं के बीमार पड़ने की सूचनाएं तमाम सेंटरों से आईं। सीएसजेएमयू में पानी की बोतल साथ ले जाने पर रोक है। सुबह की पाली के छूटने का समय और दूसरी पाली की शुरुआत का समय ऐसा है जब अधिकतम तापमान 43-48 तक पहुंच रहा है।
नहीं मिलेगी राहत
सीएसए के मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि लू की रफ्तार और तापमान से रविवार को कोई राहत मिलने की संभावना नहीं है। रविवार के लिए भी अलर्ट जारी हुआ है।










