
-दुष्कर्मी को पकड़कर पुलिस ने आखिर क्यों छोड़ा?
– बरेनी पुल पर मिली सुसाइड नोट, तो हरकत में आए पुलिस कप्तान
मिर्जापुर। कछवां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती का सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सुसाइड नोट में गांव के एक युवक पर दुष्कर्म करने और पुलिस द्वारा उसको पकड़कर छोड़ दिए जाने का आरोप लगाया गया है।
चार दिन पहले बरैनी पुल पर सुसाइड नोट और युवती की चुनरी और चप्पल मिली। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि युवती ने गंगा में कूदकर आत्महत्या कर ली होगी।
पिता ने आरोप लगाया कि उनकी 21 वर्षीय पुत्री को गांव का युवक 23 सितंबर को बहला कर वाराणसी ले गए। वहां से उसे चुनार ले आए और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद युवक ने अपने साथियों के साथ उसको भेज दिया। इसके बाद युवती कानपुर चली गई। वहां से किसी तरह परिजनों से संपर्क किया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस उसे कानपुर से लेकर आई। उसका मेडिकल और बयान कराया। युवती से पूछताछ के बाद पुलिस ने दो-तीन लड़कों को पकड़ा भी, परंतु बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

पिता ने बताया कि चार दिन पहले घर में एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें उसने लिखा है कि उसे माफ कर देना, जीना नहीं चाहती हूं। इसलिए सुसाइड करने जा रही हूं। बरैनी पुल पर कुछ छोड़ दूंगी। यह सुसाइड नोट मिलने पर परिजन पुलिस को लेकर बरैनी पुल के पास गए तो वहां भी सुसाइड नोट, चुनरी, चप्पल और 50 रुपये मिले। पुल पर मिले पत्र में लिखा है कि न्याय न मिलने के कारण सुसाइड करना चाहती हूं। उसके साथ गांव के लड़के ने गलत किया। पुलिस ने उसे चार दिन तक थाने में रखने के बाद भी छोड़ दिया। उसे न्याय नहीं मिला। जिसे चिट्ठी मिले, वह इसे कछवां पुलिस को दे दे। पता नहीं इंसाफ मिलेगा कि नहीं, परंतु मेरे परिवार को तकलीफ न हो।”
एसपी ने गठित की एसआइटी टीम
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि 01 अक्टूबर 2022 को थाना कछवां पर युवती के गायब होने के सम्बन्ध में परिजनों द्वारा गुमशुदगी दर्ज करायी गयी। पुलिस द्वारा युवती को लगातार ढूढने का प्रयास किया जा रहा है। युवती का एक लिखित नोट भी मिला है, जिसके आधार पर एनडीआरएफ/एसडीआरएफ, फ्लड पीएसी व स्थानीय गोताखोरो एवं अन्य माध्यमों से युवती को लगातार ढूढने का प्रयास किया जा रहा है। प्रकरण से सम्बन्धित थाना कछवां पर पंजीकृत अभियोग जिसमें विवेचना कर अंतिम रिपोर्ट प्रेषित की गयी है। अपर पुलिस अधीक्षक नगर के नेतृत्व में एसआइटी (03 निरीक्षक व 01 महिला निरीक्षक) गठित कर अभियोग की पुनः विवेचना करायी जा रही है। साक्ष्य संकलन एवं पाये गये तथ्यों के आधार पर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।
बुधवार को पुलिस अधीक्षक ने स्वयं मौके पर पहुँचकर एनडीआरएफ/एसडीआरएफ, फ्लड पीएसी टीमों के साथ कैंप कर किया जा रहा गुमशुदा युवती को तलाशने का प्रयास व सम्बन्धित को यथाशीघ्र बरामदगी हेतु निर्देश दिया।












