
कोहिमा। दुनियाभर में के-पॉप के काफी फैन और फॉलोअर्स हैं। भारत में भी इनकी संख्या कम नहीं है। इनमें नागालैंड के छोटी आंखों वाले मंत्री जी तेमजिन इम्ना अलॉन्ग भी शामिल हैं। दरअसल, के-पॉप कोरियाई पॉप ग्रुप है। के-पॉप कोरियाई पॉप म्यूजिक का संक्षिप्त रूप है। बीते कुछ साल में इसने दुनियाभर में बड़े पैमाने पर युवाओं के बीच उन्माद और जुनून पैदा किया है। जिसके गाने अक्सर दुनियाभर में युवाओं क्या, हर उम्र और वर्ग के बीच सुर्खियों में रहते हैं।
कुछ मशहूर के-पॉप बैंड बीटीएस, ब्लैक पिंक, एक्सो, ट्वाइटस और सेवेंटीन हैं, जिन्हें युवा काफी पसंद करते हैं और बार-बार सुनना पसंद करते हैं। वहीं, साऊथ कोरिया में तो यह वहां के नाटक, भोजन यहां तक कि स्किनकेयर और तमाम एड पर भी कब्जा किए हुए है। इस फैंडम के एक जोरदार फैन भारत में नागालैंड के सांस्कृतिक मंत्री तेमजिन इम्ना अलॉन्ग भी है और वे इसे चौड़े होकर स्वीकारते भी हैं।
Haters Gonna Hate,
— Temjen Imna Along (@AlongImna) October 18, 2022
but I'm a also a part of the K-Pop Fandom. 🎧 pic.twitter.com/sLbVUUqBja
उन्होंने हाल ही में इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर इसके बारे में एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा भी है, नफरत करने वाले नफरत कर सकते हैं, लेकिन मैं भी के-पॉप फैंडम का हिस्सा हूं। उनकी इस स्वीकारोक्ति की यूजर्स काफी तारीफ कर रहे हैं। माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर शेयर किए इंटरव्यू क्लिप में तेमजिन को यह कहते हुए सुना जा सकता है, मुझे लगता है कि मैं ग्रेट के-पॉप का फैन हूं। सोने से पहले मैं उनके कम से कम दस से बारह स्टेप्स जरूर देखता हूं और फिर सो जाता हूं।
इस साल टूट जाएगा बीटीएस, तीन साल बाद फिर होंगे साथ
हाल ही में सामने आया कि दुनिया में सबसे प्रसिद्ध पॉप बैंड में से एक के-पॉप बैंड में एक बीटीएस अस्थायी तौर पर एक समूह के रूप में निष्क्रिय हो जाएगा, क्योंकि इस ग्रुप के ज्यादातर सदस्य निजी रूप से अपने देश दक्षिण कोरिया में अनिवार्य सैन्य सेवा करने जा रहे हैं। BigHit Music ने यह भी पुष्टि की कि समूह अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करते हुए 2025 में फिर एक साथ आएगा। बीटीएस द्वारा सूचीबद्ध करने के निर्णय ने दक्षिण कोरिया की सरकार के लिए एक कठिन स्थिति को टालने में मदद की है। दरअसल, यहां 30 साल से कम उम्र के सभी योग्य पुरुषों के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है। वर्तमान प्रणाली देश के लिए असाधारण सेवा के आधार पर कुछ अपवादों की अनुमति देती है। कुछ शीर्ष एथलीटों और शास्त्रीय संगीतकारों को इस आधार पर माफ कर दिया जाता है, लेकिन पॉप कलाकारों ने ऐसा नहीं किया है। इसको लेकर उनके देश में काफी तारीफ भी हो रही है।















