संघ में घोष प्रशिक्षण का बहुत ही महत्व है : किर्ति कुमार

भास्कर समाचार सेवा

वृंदावन । श्री धाम वृंदावन के केशव नगर मे रामकली देवी सरस्वती बालिका विद्या मंदिर केशवधाम मे 28 मई को प्रान्तीय घोष प्रशिक्षण लगने जा रहा है। बृजप्रांत के सह प्रांत प्रचार प्रमुख कीर्ति कुमार ने कहा कि संघ स्थापना से सर्व प्रथम शारिरिक, विभाग जुडा जिससे लाठी, समता,का प्रशिक्षण देना प्रारंभ हुआ, उसके बाद बौद्धिक विभाग के अन्तर्गत बौद्धिक वर्ग शुरू हुए। 1927 मे पहली बार डाॅ. साहब ने प्रणव के साथ संचलन निकाला था। धीरे-धीरे लोग जुडते गये। सेना के सेवानिवृत्त अधिकारियो के माध्यम शंख, बंशी का अभ्यास प्रारंभ हुआ। हम सबके लिए गौरव की बात है पहले हमने सेना की रचनाएँ लेकर शुरूआत की ,आज सेना मे अपने द्वारा बनाई गई 40 रचनाए बजाई जा रही है ,1982 के एशियाई के उद्घाटन मै संघ के द्वारा बनाई गई शिवराज रचना बजाई। आज ऐसे घोष वर्ग का शुभारंभ हेतु भुमि पूजन एवं हवन हुआ आचार्य घनश्याम, डाॅ.स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज ने विधिवत द्वारा संपन्न कराया गया।इस अवसर पर केशव धाम निदेशक ललित कुमार, विभाग प्रचारक अरुण कुमार, विद्यालय अध्यक्ष अमरनाथ गोस्वामी, प्रधानाचार्य लोकेश्वर प्रताप सिंह प्रांतीय घोष प्रमुख ललित कुमार चंदन कुमार, डॉक्टर संजय कुटुंब प्रबोधन महेश किलानोत जिला कार्यवाह अरुण दीक्षित वर्तिका गोयल, प्रधानाचार्य प्रेमा पानू,शिओम कुमार, रोमेश, संजय जादौन, एवं सभी स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

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