
नई दिल्ली। हथनी कुंड बैराज का पानी आने से एक बार फिर दिल्ली, नोएडा में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। यमुना नदी खतरे के निशान के उपर बह रही है। दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर एक फिर 206.68 तक पहुंच गया है। रात तक जलस्तर 207 मीटर तक पहुंचने की संभावना है। निचले इलाके में रह रहे लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए सूचित कर दिया गया हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यमुना नदी के जलस्तर को लेकर भी दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना तथा गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से से बातचीत की।
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर रविवार को एक बार फिर खतरे के निशान के पार चला गया। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश के बाद हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। अधिकारियों ने कहा कि नदी के जलस्तर में और वृद्धि से दिल्ली तथा नोएडा के बाढ़ प्रभावित निचले इलाकों में राहत एवं पुनर्वास के काम पर असर पड़ सकता है।
गृह मंत्री ने ट्वीट किया कि गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फिलहाल हुई भारी बारिश के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों मंडरा रहे बाढ़ जैसे संकट पर चर्चा की। दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना से भी यमुना नदी के जलस्तर को लेकर चर्चा की। जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए पर्याप्त संख्या में एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन बल) और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) के कर्मी मौजूद हैं।
हालांकि दिल्ली प्रशासन ने यमुना के निचले हिस्से में लोगों ने जाने की बार बार अपील की जा रही है। प्रशासन संकट से निपटने के लिए बारीकी से नजर रखे हुए है।














