घग्गर नदी के बहाव क्षेत्र का टूटा फ्रंटलाइन बांध, हाड़ौती की नदियां उफान पर

जयपुर (हि.स.)। प्रदेश में मानसून की सक्रियता के कारण कोटा व उदयपुर संभाग के ज्यादातर जिलों में शनिवार देर रात व रविवार को बरसात हुई। हाड़ौती व एमपी में अच्छी बारिश के बाद बांधों से पानी छोड़ने से हाड़ौती की नदियां उफान पर है। कोटा के खातौली व बारां जिले से गुजर रही पार्वती नदी उफान पर है। खातौली में पार्वती पुल पर आधा फीट पानी आने के बाद राजस्थान व एमपी के बीच सम्पर्क कट गया। स्टेट हाईवे-70 कोटा-श्योपुर- ग्वालियर मार्ग अवरुद्ध हो गया। रविवार रात सूरतगढ़ से सटे गांव रंगमहल में घग्गर नदी के बहाव क्षेत्र का फ्रंटलाइन का बंधा टूट जाने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा गांव को खाली करवाया जा रहा है। उदयपुर, माउंट आबू, राजसमंद, बांसवाड़ा, कोटा, बारां, झालावाड़, डूंगरपुर, जयपुर, अजमेर, झुंझुनूं, फतेहपुर, करौली सहित कई अन्य जिलों में अच्छी बरसात हुई। बरसात के कारण बांध ओवरफ्लो होने लग गए हैं। कई बांधों के गेट खोले गए। इसी बीच मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग ने अगले तीन घंटे के लिए डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर, सिरोही, जालोर, राजसमंद, भीलवाड़ा, पाली, बाड़मेर, चित्तौड़गढ़ जिले में हल्की बारिश की संभावना जताई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि एक और नया कम दबाव का क्षेत्र आज उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बनने की संभावना है। इस तंत्र के कारण प्रदेश में आने वाले एक सप्ताह के दौरान ज्यादातर इलाकों में मानसून एक्टिव रहेगा। अगले 2 दिन दक्षिण व पश्चिम राजस्थान में भारी बारिश की संभावना है।

घग्गर नदी में पानी की भारी आवक के चलते बाढ़ का खतरा बना हुआ है। रविवार रात सूरतगढ़ से सटे गांव रंगमहल में घग्गर नदी के बहाव क्षेत्र का फ्रंटलाइन बांध टूट जाने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव को खाली कराने का आदेश दिया है। इसके बाद प्रशासनिक अमला गांव के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुटा है। इसके साथ ही कटाव को पाटने का भी कार्य किया जा रहा है। बीती रात गांव रंगमहल में घग्गर नदी के बहाव क्षेत्र का फ्रंटलाइन बांध टूट गया। जिससे आस पास के गांवों में अफरा तफरी का माहौल पैदा हो गया। कुछ ग्रामीणों ने हिम्मत कर फ्रंटलाइन बांध को पाटने का भी प्रयास किया, मगर वे इसमें नाकाम रहे। ऐसे में पानी फैलकर गांव के सैकेण्ड लेयर के बंधे तक पहुंच गया है। मौके पर पहुंचे एएसपी, डीएसपी, एडीएम, एसडीएम समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को तुरंत गांव खाली करने के आदेश दिए। साथ ही कटाव को पाटने का काम भी शुरू करवाया। अब हालत यह है कि सैकेण्ड लेयर का बांध किसी भी वक्त टूट सकता है। इसके टूटने के साथ ही पूरा गांव जलमग्न हो जाएगा।

रात से ही प्रशासन ग्रामीणों को बसों तथा अन्य साधनों के जरिए विभिन्न राहत कैंपों में पहुंचाने में जुटा हुआ है। सुबह तक अधिकांश ग्रामीण गांव को छोड़ कर जा चुके हैं। कुछ जोशीले युवा दूसरी लेयर के बांध को मजबूत करने में लगे हैं ताकि घरों को डूबने से बचाया जा सके। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ओटू हेड पर पानी की आवक में कमी आई है, लेकिन घग्गर नदी में चल रहे पानी ने बहाव क्षेत्र के तटबंधों को छू लिया है। ऐसे में तटबंधों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

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