यूपी में फिर बदलेगा मौसम : 72 घंटे का अलर्ट जारी, गरज-चमक के साथ होगी बारिश, 40 Kmph की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट बदलने को तैयार है। कभी बारिश तो कभी घने कोहरे की मार झेल रहे यूपी के लोगों को फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही है। मौसम विभाग ने ताजा अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि फरवरी महीने की शुरुआत तूफानी मौसम के साथ हो सकती है। 1 फरवरी से अगले 72 घंटों तक प्रदेश के अलग-अलग जिलों में काले बादलों का डेरा रहेगा, गरज-चमक के साथ बारिश होगी और तेज हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।

फरवरी की शुरुआत बारिश और तूफान के साथ

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 1 फरवरी से 3 फरवरी तक प्रदेश का मौसम पूरी तरह बदल जाएगा। पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वी यूपी तक कई इलाकों में बारिश की प्रबल संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलेंगी। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बदलाव से ठंड एक बार फिर वापसी कर सकती है, जिससे लोगों को दोबारा ठिठुरन का सामना करना पड़ेगा।

कहां-कहां दिखेगा मौसम का सबसे ज्यादा असर?

मौसम विभाग के अनुसार, 1 फरवरी को पश्चिमी यूपी के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है। वहीं, पूर्वी यूपी के कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच जैसे जिलों में सुबह के वक्त घना कोहरा छाया रह सकता है, जिससे दृश्यता 100 से 500 मीटर तक कम हो जाएगी। सफर करने वालों को खास तौर पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। हालांकि, सहारनपुर, मेरठ, बागपत, बिजनौर, प्रयागराज, वाराणसी, और कानपुर समेत कई जिलों में आसमान साफ रहने और धूप खिलने की भी उम्मीद है, लेकिन बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।

लखनऊ से नोएडा तक कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी लखनऊ में फिलहाल आसमान साफ रहने और न्यूनतम तापमान 12 व अधिकतम 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। लेकिन अगले कुछ घंटों में यहां भी धूप और छांव का खेल देखने को मिल सकता है। वहीं, दिल्ली से सटे नोएडा में सुबह के वक्त हल्का कोहरा देखने को मिल सकता है। यहां न्यूनतम तापमान 10 और अधिकतम 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

क्यों बदल रहा है मौसम? आ रहे दो नए पश्चिमी विक्षोभ

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एक के बाद एक आ रहे दो नए पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। पहला पश्चिमी विक्षोभ 2 फरवरी को और दूसरा 5 फरवरी को उत्तर-पश्चिम भारत पर अपना असर डालेगा, जिसके कारण मौसम में यह बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। जनवरी के आखिरी दिनों में निकली धूप से लोगों को लगा था कि सर्दी की विदाई हो गई है, लेकिन मौसम के इस यू-टर्न ने उस पर ब्रेक लगा दिया है।


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