
नई दिल्ली । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में आम लोगों से जुड़े कई बड़े ऐलान किए। आम करदाताओं को राहत देने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य पर लगने वाले स्रोत पर कर संग्रह (टीसीएस) घटाकर 5 प्रतिशत से 2 प्रतिशत कर दिया गया है। आयकर रिटर्न संशोधित करने के लिए अब अतिरिक्त समय मिलेगा। आईटीआर‑1 और आईटीआर‑2 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई तय की गई है, जबकि गैर‑लेखा परीक्षण व्यापार मामलों और न्यासों के लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त होगी। संपत्ति बेचने वाले एनआरआई पर टीडीएस नियम भी बदले गए हैं। अब कटौती निवासी खरीदार करेगा और इसके लिए टैक्स अकाउंट नंबर की आवश्यकता नहीं होगी।
कर व्यवस्था में बदलाव
• शिक्षा और स्वास्थ्य पर स्रोत पर कर संग्रह (टीसीएस) दर घटाकर 5 प्रतिशत से 2 प्रतिशत की गई।
• आयकर रिटर्न संशोधन के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा, नाममात्र शुल्क देकर संशोधित रिटर्न दाखिल किए जा सकेंगे।
• आईटीआर‑1 और आईटीआर‑2 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई होगी।
• गैर‑लेखा परीक्षण व्यापार मामलों और न्यासों के लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त तय की गई।
• संपत्ति बेचने वाले अनिवासी भारतीयों पर टीडीएस नियम बदला गया। अब कटौती निवासी खरीदार करेगा और इसके लिए टैक्स अकाउंट नंबर की आवश्यकता नहीं होगी।
• बजट 2026 में आयकर रिटर्न संशोधित करने की समयसीमा 31 दिसंबर की जगह अगले साल 31 मार्च तक बढ़ाई गई
स्वास्थ्य और आयुष क्षेत्र
भारत को चिकित्सीय पर्यटन केंद्र बनाने के लिए पांच क्षेत्रीय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। आयुष फार्मेसी और औषध परीक्षण प्रयोगशाला का उन्नयन होगा और जामनगर स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन वैश्विक चिकित्सीय केंद्र को भी उन्नत किया जाएगा।
एमएसएमई और वस्त्र क्षेत्र
एमएसएमई क्षेत्र को मज़बूत करने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का एमएसएमई विकास कोष घोषित किया गया। वस्त्र क्षेत्र को भी प्रोत्साहन मिलेगा और पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में बुनियादी ढांचे को मज़बूत किया जाएगा।
‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल’ जैसी कई नई योजनाओं की घोषणा
केंद्र सरकार ने इस बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और छोटे उद्योगों की क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में अपने बजट भाषण में 10 हजार करोड़ रुपये के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएई) ग्रोथ फंड बनाने के साथ-साथ कपड़ा क्षेत्र के कायाकल्प के लिए ‘टेक्सटाइल पार्क स्थापित’ करने और ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल’ जैसी कई नई योजनाओं की घोषणा की।
वित्त मंत्री ने कहा कि गांधीजी के आत्मनिर्भर गांव के सपने को साकार करने के उद्देश्य से शुरू की गई “महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल” का लक्ष्य खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देना है। इसके अलावा ग्रामीण युवाओं को रोजगार देना और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाना है। यह पहल ‘एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) को और अधिक सशक्त बनाएगी।
वित्त मंत्री ने वस्त्र उद्योग को आधुनिक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए सात प्रमुख एकीकृत कार्यक्रम की घोषणाएं कीं। इनमें खादी, हथकरघा और हस्तशिल्पों को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल का शुभारंभ, वस्त्र कौशल इको-सिस्टम को बढ़ावा और आधुनिकता के लिए समर्थ 2.0 मिशन, प्राकृतिक, मानव निर्मित और न्यू ऐज फाइबर में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना हैं। इसके अलावा परम्परागत टेक्सटाइल क्लस्टर को आधुनिक बनाने के लिए वस्त्र उद्योगों का विस्तार और रोजगार योजना, जारी योजनाओं के एकीकरण और बढ़ावा के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम, विश्व स्तरीय और टिकाउ वस्त्रों और परिधानों के लिए टेक्स-इको पहल और चुनौती के स्तर पर मेगा टेक्स्टाइल पार्कों की स्थापना करने की घोषणा भी शामिल है।
(बजट) खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट भाषण में अगले दशक में खेल क्षेत्र को बदलने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव किया है।
उन्होंने कहा कि खेल क्षेत्र रोजगार, कौशल विकास और नौकरी के अनेक अवसर प्रदान करता है। खेलो इंडिया कार्यक्रम के माध्यम से खेल प्रतिभाओं के व्यवस्थित पोषण को आगे बढ़ाते हुए, अगले दशक में खेल क्षेत्र को रूपांतरित करने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव है। इसके तहत ट्रेनिंग सेंटर्स द्वारा समर्थित इंटीग्रेटेड टैलेंट डेवलपमेंट पाथवे की योजना है। इसमें युवा खिलाड़ियों को तकनीकी, शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से निखारने की व्यापक, डेटा संचालित योजना है। ट्रेनिंग और प्रतियोगिता के लिए देश में खेल ढांचों का विकास किया जाएगा। खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतियोगिताएं और लीग का आयोजन किया जाएगा।
केंद्रीय बजट में एयरक्राफ्ट पार्ट्स के लिए कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी से छूट का प्रस्ताव
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया। बजट भाषण में उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र की यूनिट्स में मेंटेनेंस, रिपेयर या ओवरऑल जरूरतों के लिए इस्तेमाल होने वाले एयरक्राफ्ट के पार्ट्स बनाने के लिए इंपोर्ट किए जाने वाले कच्चे माल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव है।
सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत शिक्षा और मेडिकल मकसद से टीसीएस दर को 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी करने का प्रस्ताव है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मुकाबले कर्ज का अनुपात जीडीपी का 55.6 फीसदी रहने का अनुमान है। उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि बैटरी के लिए लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर दी गई बेसिक कस्टम ड्यूटी छूट को बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स तक बढ़ाने का प्रस्ताव करती हूं। उन्होंने कहा कि सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनेट के इंपोर्ट पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का भी प्रस्ताव है।
शराब‑बीड़ी सस्ती, विदेशियों को कर छूट, छोटे करदाताओं के लिए कर प्रक्रिया आसान
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में बताया कि वित्त वर्ष 2026‑27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह मौजूदा वित्त वर्ष में 4.8 प्रतिशत पर रहा है, जिसे संशोधित अनुमान के अनुसार हासिल किया गया।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि शराब और बीड़ी सस्ती होंगी। इसके अलावा जूते, कपड़ा निर्यात और बैटरी भी सस्ती होंगी। कैंसर से जुड़ी 17 दवाएं सस्ती होंगी, वहीं 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाएं भी सस्ती होंगी। दवाओं और चिकित्सीय उपकरणों पर सीमा शुल्क घटाने का ऐलान किया गया है। इसके अलावा सीएनजी और बायोगैस को भी सस्ता करने की घोषणा की गई है, जिससे सीएनजी से चलने वाले वाहनों के मालिकों को राहत मिलेगी।
वित्तमंत्री ने कहा कि इनकम टैक्स रिटर्न में गड़बड़ी पर अब सजा नहीं होगी। सरकार ने जुर्माने का प्रावधान किया है। जो अपनी आय छिपाएगा, उससे 30 प्रतिशत कर लिया जाएगा लेकिन उसे जेल या सजा नहीं होगी।
सीतारमण ने विदेशियों को राहत देते हुए कहा कि भारत में पांच साल तक रहने वाले विदेशी नागरिकों को उनकी गैर‑भारत आय पर कर से छूट मिलेगी। साथ ही भारत में डेटा सेंटरों का उपयोग करने वाली विदेशी क्लाउड कंपनियों को 2047 तक टैक्स अवकाश दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि छोटे करदाताओं के लिए नियम आधारित स्वचालित प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके जरिए कम या शून्य टीडीएस कटौती प्रमाणपत्र बिना असेसिंग अधिकारी को आवेदन दिए प्राप्त किया जा सकेगा। जिन निवेशकों के पास कई कंपनियों की प्रतिभूतियां हैं, उनके लिए डिपॉजिटरी को अनुमति दी जाएगी कि वे निवेशकों से फॉर्म 15 जी या 15 एच स्वीकार कर सीधे संबंधित कंपनियों को भेज सकें।
वित्तमंत्री ने बताया कि संपत्ति बेचने वाले अनिवासी भारतीयों पर टीडीएस नियम भी बदले गए हैं। अब कटौती निवासी खरीदार करेगा और इसके लिए टैक्स अकाउंट नंबर की आवश्यकता नहीं होगी।















