चुनावी राज्यों पर मेहरबान बजट : तमिलनाडु, बंगाल, केरल-असम को क्या-क्या मिला, एक साथ हुए कई बड़े ऐलान

 

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में विकास के साथ-साथ सधी हुई चुनावी बिसात भी बिछा दी है। बजट में की गई कई बड़ी घोषणाओं का सीधा लाभ उन पांच राज्यों को मिलता दिख रहा है जहां अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी के लिए की गईं विशेष घोषणाओं को सरकार का चुनावी मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। इन घोषणाओं में हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से लेकर कृषि और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की योजनाएं शामिल हैं।

बंगाल और पूर्वोत्तर को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी

केंद्र सरकार ने देश में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है, जिनमें से एक कॉरिडोर वाराणसी को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से जोड़ेगा।  सिलीगुड़ी को बंगाल का प्रवेश द्वार कहा जाता है और यह कॉरिडोर क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खोलेगा। इसके अलावा, वित्त मंत्री ने पूर्वोत्तर के लिए एक नए बौद्ध सर्किट की भी घोषणा की है, जिसमें अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ चुनावी राज्य असम को भी शामिल किया जाएगा। यह कदम पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ इन राज्यों को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का काम करेगा।

ये हैं 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर:

  • मुंबई से पुणे
  • पुणे से हैदराबाद
  • हैदराबाद से बेंगलुरु
  • हैदराबाद से चेन्नई
  • चेन्नई से बेंगलुरु
  • दिल्ली से वाराणसी
  • वाराणसी से सिलीगुड़ी

दक्षिण के राज्यों पर विशेष मेहरबानी

बजट में दक्षिण भारतीय राज्यों, खासकर तमिलनाडु और केरल, का विशेष ध्यान रखा गया है जहां जल्द ही चुनाव होने हैं।

  • मत्स्य पालन को बूस्ट: सरकार ने 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास कर मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत करने की घोषणा की है, जिसका सीधा फायदा तमिलनाडु जैसे तटीय राज्यों को मिलेगा।
  • नारियल, काजू और कोको की बहार: नारियल संवर्धन योजना के जरिए उत्पादन बढ़ाकर 1 करोड़ किसानों को फायदा पहुंचाने का लक्ष्य है। साथ ही, भारतीय काजू और कोको को 2030 तक एक प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इन योजनाओं का बड़ा लाभ केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के किसानों को मिलेगा।
  • चंदन की खेती को प्रोत्साहन: चंदन के पेड़ों का दायरा बढ़ाने और इसकी खेती के लिए किसानों को मदद दी जाएगी। इसका लाभ कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल को मिलेगा।

हस्तशिल्प और वस्त्र उद्योग को नई जान

पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, ‘समर्थ 2.0 मिशन’ और ‘राष्ट्रीय फाइबर योजना’ के जरिए वस्त्र उद्योग में आत्मनिर्भरता लाने का प्रयास किया जाएगा।

यह स्पष्ट है कि बजट 2026 के माध्यम से केंद्र सरकार ने न केवल देश की आर्थिक दिशा तय की है, बल्कि चुनावी राज्यों के वोटरों को भी एक बड़ा संदेश दिया है। अब देखना यह होगा कि विकास का यह एजेंडा चुनावी मैदान में कितना कारगर साबित होता है।


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