‘खूबसूरत लड़की’ समझ बैठे लोग ! घाघरा-चोली में लड़के का वीडियो वायरल होते ही लगी रिश्तों की लाइन

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बीकानेर। राजस्थान अपनी सतरंगी संस्कृति और अनूठी परंपराओं के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। लेकिन इस बार बीकानेर की होली से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। वीडियो में एक ‘युवती’ अपनी खूबसूरती और नजाकत से लोगों का दिल जीत रही है, पर जैसे ही उसकी असलियत सामने आई, देखने वालों के होश उड़ गए। दरअसल, जिसे दुनिया ‘हुस्न की मल्लिका’ समझ रही थी, वह असल में मूंछों वाला एक नौजवान निकला।

बीकानेर की अनोखी परंपरा: जब लड़के बनते हैं ‘ललना’

राजस्थान के बीकानेर संभाग में होली के अवसर पर एक बेहद पुरानी और दिलचस्प परंपरा निभाई जाती है। यहाँ के उत्सवों में युवक पूरी तरह महिलाओं का गेटअप धारण करते हैं। भारी-भरकम मेकअप, गहने, लिपस्टिक और चटक रंगों वाली साड़ी या घाघरा-चोली पहनकर ये युवक जब सड़कों पर निकलते हैं, तो असली और नकली का भेद करना नामुमकिन हो जाता है। यह परंपरा सदियों से होली के उल्लास और मस्ती का हिस्सा रही है।

 

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पीले-लाल घाघरे में ढाया कहर, नहीं पहचान पाए लोग

वायरल वीडियो में दिख रहे इस युवक ने पीले और लाल रंग का राजस्थानी घाघरा-चोली पहना हुआ है। माथे पर बिंदिया, आंखों में काजल और चेहरे पर प्रोफेशनल मेकअप के साथ उसने जिस तरह खुद को कैरी किया है, उसे देखकर पहली नजर में कोई भी धोखा खा सकता है। सोशल मीडिया पर लोग इस युवक के ‘ट्रांसफॉर्मेशन’ को देखकर हैरान हैं। उसकी अदाएं और पहनावा इतना सटीक है कि उसे पहचानना विशेषज्ञों के लिए भी चुनौती बन गया है।

’30 हजार रिश्तों’ का दावा और इंटरनेट पर ठहाके

वीडियो के वायरल होते ही मीम्स और कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। मजाक-मजाक में यह चर्चा तेज हो गई है कि इस ‘खूबसूरत हसीना’ (जो वास्तव में लड़का है) के लिए अब तक 30 हजार से ज्यादा शादी के रिश्ते आ चुके हैं। हालांकि, रिश्तों वाली बात सोशल मीडिया की चुटकी और मनोरंजन का हिस्सा है, लेकिन इस दावे ने वीडियो की पहुंच को और ज्यादा बढ़ा दिया है। यूजर्स कमेंट कर रहे हैं कि, “भाई ने तो असली लड़कियों को भी फेल कर दिया!”

राजस्थानी संस्कृति का मजेदार रंग

बीकानेर की यह झलक दिखाती है कि भारत में त्योहार सिर्फ रंगों और गुलाल का नाम नहीं है, बल्कि यह लोक कला और सामुदायिक आनंद का संगम है। जहां एक तरफ आधुनिकता का दौर है, वहीं बीकानेर के युवा आज भी अपनी इन पारंपरिक शैलियों को जीवित रखे हुए हैं। यही वजह है कि ऐसे वीडियो न केवल मनोरंजन करते हैं, बल्कि लोगों को अपनी जड़ों और विरासतों से भी रूबरू कराते हैं।  ऐतिहासिक लोक कथाओं की जानकारी दे सकता हूँ।

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