
भोपाल। मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में चिलचिलाती गर्मी से राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले चार दिनों तक आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और ट्रफ लाइन के सक्रिय होने से मौसम में यह बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, 17 मार्च से एक नया सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिसका सीधा असर मध्यप्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों पर पड़ेगा।
17 मार्च से नया सिस्टम सक्रिय, इन जिलों में होगी बारिश
मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार, बारिश और तेज हवाओं का यह सिलसिला 16 मार्च से शुरू होकर 19 मार्च तक जारी रह सकता है।
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16 मार्च: बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और अनूपपुर जैसे दक्षिणी व पूर्वी जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं।
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17 मार्च: सिवनी, बालाघाट और मंडला में बादलों की आवाजाही के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।
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18 मार्च: ग्वालियर-चंबल संभाग समेत शहडोल, मंडला और छिंदवाड़ा में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। भिंड, मुरैना और श्योपुर में भी धूलभरी आंधी चल सकती है।
खरगोन और नर्मदापुरम में पारा 39 डिग्री के पार, गर्मी का सितम जारी
एक तरफ जहां कुछ जिलों में बारिश का अलर्ट है, वहीं प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सूरज की तपिश बरकरार है। शनिवार को खरगोन सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। नर्मदापुरम में भी पारा 39 डिग्री के करीब रहा। राजधानी भोपाल में तापमान 37.2 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि जबलपुर में यह 37.7 डिग्री तक पहुंच गया। उमरिया, सागर, धार और शाजापुर जैसे जिलों में भी तापमान 37 डिग्री से ऊपर बना हुआ है।
पश्चिमी विक्षोभ लाएगा राहत की फुहारें
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 17 मार्च को उत्तर-पश्चिम भारत में पहुंचने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से हवाओं का रुख बदलेगा। नमी आने के कारण दक्षिण-पूर्वी मध्यप्रदेश और ग्वालियर संभाग में गरज-चमक के साथ ‘लू’ जैसे हालात से थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, जहां बारिश नहीं होगी, वहां तापमान में 1 से 2 डिग्री की और बढ़ोतरी होने की भी आशंका है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।












