कालाबाजारी करने वालों की अब खैर नहीं : सीएम योगी के निर्देश पर यूपी में महाअभियान, 5800 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी…..11 गिरफ्तारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (LPG) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन-प्रशासन को ‘अलर्ट मोड’ पर रहने के निर्देश दिए हैं। ईंधन की संभावित कमी की अफवाहों के बीच कालाबाजारी और अवैध बिक्री करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए प्रदेश भर में सघन अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी में पिछले एक सप्ताह के भीतर हजारों ठिकानों पर छापेमारी की गई है, जिससे अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

5813 छापेमारी और 11 गिरफ्तारी: एक्शन में यूपी पुलिस और प्रशासन

मुख्यमंत्री के निर्देश पर 12 से 17 मार्च के बीच प्रदेश के कोने-कोने में कुल 5813 निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की गई है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले एलपीजी वितरकों के खिलाफ 12 एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई हैं। वहीं, कालाबाजारी में शामिल अन्य माफियाओं और व्यक्तियों के विरुद्ध 74 एफआईआर दर्ज की गई हैं। अब तक पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 85 लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (अभियोजन) शुरू कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि यह अभियान रुकना नहीं चाहिए।

नहीं होगी गैस की किल्लत: पर्याप्त स्टॉक और डिलीवरी पर नजर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। यूपी के 4108 एलपीजी वितरकों के पास गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उपभोक्ताओं द्वारा की जा रही बुकिंग के सापेक्ष समय पर रिफिल की होम डिलीवरी सुनिश्चित कराई जा रही है। इसके साथ ही, बाजार में संतुलन बनाए रखने के लिए भारत सरकार द्वारा वाणिज्यिक सिलेंडरों (Commercial Cylinders) के लिए कुल खपत के 20 प्रतिशत आवंटन की अनुमति भी दी गई है, जिससे उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी राहत मिली है।

24 घंटे काम कर रहा कंट्रोल रूम, फील्ड में डटे अधिकारी

ईंधन और गैस वितरण की पल-पल की निगरानी के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे चलने वाला ‘कंट्रोल रूम’ स्थापित किया गया है। यहां पेट्रोलियम पदार्थों से जुड़ी समस्याओं का तत्काल निस्तारण किया जा रहा है। सिर्फ प्रदेश स्तर पर ही नहीं, बल्कि हर जनपद में भी कंट्रोल रूम सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री के आदेश पर जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार फील्ड में भ्रमण कर रही हैं ताकि कोई भी दुकानदार या वितरक ‘कृत्रिम कमी’ दिखाकर जनता को परेशान न कर सके। प्रशासन की इस सक्रियता ने प्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाए रखा है।

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