UP में स्मार्ट मीटर पर ‘बिजली’ सा गुस्सा: आगरा, मेरठ और फिरोजाबाद में बवाल, उपभोक्ताओं ने उखाड़ फेंके मीटर

लखनऊ/आगरा/मेरठ। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों स्मार्ट बिजली मीटरों को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। प्रदेश के प्रमुख शहरों— आगरा, मेरठ और फिरोजाबाद में यह विरोध अब हिंसक प्रदर्शनों में तब्दील हो चुका है। बिलों में अचानक हुई भारी बढ़ोतरी से नाराज हजारों उपभोक्ता सड़कों पर उतर आए हैं। हालात इतने बेकाबू हो गए कि कई इलाकों में गुस्साए लोगों ने खंभों पर लगे स्मार्ट मीटरों को न केवल उखाड़ दिया, बल्कि उन्हें सड़क पर फेंककर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

तेजी से भाग रहा मीटर, जेब पर पड़ रहा डाका: उपभोक्ताओं का आरोप

प्रदर्शन कर रहे उपभोक्ताओं का सबसे बड़ा आरोप ‘जंप’ होती रीडिंग और आसमान छूते बिजली के बिल हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब से पुराने मीटरों की जगह ये स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, तब से बिजली का बिल दोगुना से तीन गुना तक आने लगा है। उपभोक्ताओं ने सवाल उठाया कि बिना किसी पूर्व सूचना या पर्याप्त जानकारी के इन मीटरों को क्यों थोपा जा रहा है? प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, ये मीटर पारदर्शी होने के बजाय आम जनता की जेब पर डाका डाल रहे हैं, जिससे मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।

पुलिस छावनी में तब्दील हुए इलाके, नारेबाजी से गूंजा शहर

आगरा और फिरोजाबाद के कई संवदेनशील इलाकों में प्रदर्शन के दौरान भारी हंगामा और नारेबाजी हुई। आक्रोशित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। कई जगह प्रदर्शनकारियों और बिजली विभाग के कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया और कानून हाथ में न लेने की सख्त चेतावनी दी। फिलहाल, तनाव को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।

विभाग की सफाई: ‘सटीक है बिलिंग’, जांच का दिया भरोसा

एक तरफ जहां जनता सड़कों पर है, वहीं बिजली विभाग के अधिकारी स्मार्ट मीटरों का बचाव कर रहे हैं। विभाग का दावा है कि ये मीटर पूरी तरह सुरक्षित और आधुनिक तकनीक से लैस हैं, जो सटीक बिलिंग सुनिश्चित करते हैं। अधिकारियों के अनुसार, यदि किसी उपभोक्ता को बिल को लेकर कोई शंका है, तो उसकी निष्पक्ष जांच की जाएगी। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और संवाद के जरिए अपनी समस्या का समाधान निकालें। हालांकि, जनता के गुस्से को देखते हुए अब सरकार के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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