कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में नया मोड़: हत्या के चौथे दिन बेटे ने संभाला कारोबार, शक के घेरे में परिवार

कानपुर के चर्चित और प्रतिष्ठित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस की जांच अब एक बेहद संवेदनशील और नए मोड़ पर पहुंच गई है। वारदात के चौथे ही दिन विनीत के बेटे सुब्रत द्वारा फर्म पहुंचकर पूजन करने और पूरे कारोबार की कमान अपने हाथ में लेने की जल्दबाजी ने पुलिस के कान खड़े कर दिए हैं। पत्नी (बहू) के जेल जाने के बावजूद सुब्रत का अपनी मां के साथ दुकान पहुंचकर कामकाज शुरू करना पुलिस को खटक रहा है। इसी संदिग्ध रवैये को देखते हुए कल्याणपुर पुलिस की टीम ने अब बिरहाना रोड के अन्य दवा व्यापारियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है।

गंगाजल छिड़ककर कराया पूजन, 8 दिनों में निपटाए वित्तीय लेनदेन जांच में सामने आया है कि 5 सितंबर की देर रात विनीत मिनोचा का कत्ल हुआ था, और 9 सितंबर को सुब्रत अपनी मां को लेकर बिरहाना रोड स्थित ‘फार्मा ट्रेडर्स’ फर्म पर पहुंचा। वहां गंगाजल छिड़ककर बाकायदा पूजन कराया गया और काम शुरू कर दिया गया। बीते आठ दिनों के भीतर सुब्रत ने कई दवा व्यापारियों का बकाया माल लौटाया और बकाए रकम के चेक भी वसूल किए। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि परिवार में इतनी बड़ी त्रासदी के तुरंत बाद व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई गई।

फेसबुक से डिलीट की बधाई वाली पोस्ट, नवीनीकरण पर भी पुलिस की नजर पुलिस की पड़ताल में यह भी सामने आया है कि सुब्रत ने हाल ही में अपने फेसबुक अकाउंट से कई फोटो, रील्स और वे पोस्ट डिलीट कर दिए हैं, जिनमें कारोबार की कमान संभालने पर साथियों ने उसे बधाई दी थी। दवा व्यापारियों के अनुसार, हर 90 दिन में फर्म का लाइसेंस नवीनीकृत (Renew) होता है। अभी तक प्रोपराइटर के रूप में विनीत का नाम दर्ज था, और उनके न रहने पर सुब्रत का नाम आना तय है। पुलिस इस कानूनी और वित्तीय पहलू को भी अपनी जांच के मुख्य बिंदु में शामिल कर चुकी है।

क्या सिर्फ बहू की बंदिशें थीं वजह या कहानी कुछ और है? विनीत की हत्या के आरोप में उनकी बहू शालू, पुराने नौकर विशाल और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। सीसीटीवी फुटेज में भी आरोपी फ्लैट में दाखिल होते कैद हुए थे। हालांकि, बहू के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने के बावजूद पुलिस का मानना है कि हत्या का मकसद सिर्फ शालू पर लगी पारिवारिक बंदिशें नहीं हो सकता। पुलिस को अंदेशा है कि इस वारदात के पीछे कोई बड़ा आर्थिक या संपत्ति से जुड़ा कोण भी हो सकता है, जिसकी गुत्थी सुलझाने के लिए विनीत की पत्नी, बेटी और बेटे से लगातार पूछताछ की जा रही है।

पार्टी में शामिल हुए थे विनीत, व्यापारियों ने कहा— कभी नहीं सुना विवाद बिरहाना रोड के व्यापारियों ने पुलिस को बताया कि 5 सितंबर की घटना से ठीक पहले दवा कारोबारियों की एक लेट-नाइट पार्टी आयोजित हुई थी, जिसमें सुब्रत या शालू नहीं, बल्कि खुद विनीत मिनोचा शामिल हुए थे। साथी व्यापारियों के मुताबिक, मिनोचा परिवार में कभी किसी आपसी विवाद की खबर सामने नहीं आई थी। बता दें कि 5 सितंबर को कल्याणपुर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में विनीत मिनोचा की चाकुओं से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। जब बेटा और बहू पार्टी से वापस लौटे थे, तब वारदात का खुलासा हुआ था।

 

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