
उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित महाराजपुर क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला अनोखा मामला सामने आया है। यहां तीन बच्चों की 30 वर्षीय मां ने अपने पति, ससुराल और मायके वालों का साथ छोड़कर अपनी 25 वर्षीय प्रेमी युवती के साथ रहने का फैसला किया है। थाने में परिजनों द्वारा काफी समझाने-बुझाने के बावजूद महिला अपने फैसले पर अडिग रही और उसने स्पष्ट कर दिया कि वह किसी भी हाल में अपने परिवार के पास वापस नहीं जाएगी।
इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती प्यार में बदली, पनकी में किराए पर रहने लगीं दोनों पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों महिलाओं के बीच करीब एक साल से प्रेम संबंध चल रहे थे। इनकी पहली मुलाकात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे दोनों की बातचीत बढ़ी और प्यार इस कदर गहराया कि दोनों ने साथ जिंदगी बिताने का मन बना लिया। इसी योजना के तहत महिला बीते 6 सितंबर को अपने मायके से अचानक लापता हो गई और महाराजपुर की ही रहने वाली अपनी 25 वर्षीय साथी के साथ पनकी में किराए का कमरा लेकर रहने लगी।
गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने किया था बरामद महिला के अचानक गायब होने पर परिजनों ने महाराजपुर थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। बुधवार को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए महिला को पनकी स्थित किराए के मकान से उसकी प्रेमी युवती के साथ सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद दोनों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया था।
मायके और ससुराल वालों के सामने महिला ने ठुकराया घर लौटने का प्रस्ताव गुरुवार को महाराजपुर थाने में महिला के ससुराल और मायके पक्ष के लोग उसे घर वापस ले जाने के लिए पहुंचे। परिजनों ने महिला को बहुत समझाया, लेकिन उसने ससुराल या मायके—दोनों में से कहीं भी जाने से साफ इनकार कर दिया। महिला ने पुलिस अधिकारियों के सामने बेबाकी से कहा कि वह केवल अपनी प्रेमी युवती के साथ ही अपनी आगे की जिंदगी बिताना चाहती है।
मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज हुए बयान, फिर युवती के साथ हुई रवाना मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए महाराजपुर थाना पुलिस ने महिला को कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां उसके आधिकारिक बयान दर्ज कराए गए। थाना प्रभारी जनार्दन सिंह ने बताया कि बालिग महिला ने परिजनों के साथ जाने से इनकार करते हुए अपनी मर्जी से युवती के साथ रहने की इच्छा जताई थी। मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज होने की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद महिला को उसकी साथी युवती के साथ जाने की इजाजत दे दी गई।











