20 होटलों में जिस्म की मंडी : नौकरी के नाम पर युवती को बेचा, जब होटलों में कैद से भागकर पुलिस कमिश्नर तक पहुंची पीड़िता….

– कोलकाता का दादा और कानपुर का रोहित मुख्य सरगना
– युवतियों को बंधक बनाकर होटलों में कराते थे देह व्यापार
– रोहित की डायरी से 20 होटलों और मैनेजरों के नंबर बरामद
– शहर के बदनाम होटलों में देर रात तक जारी थी छापेमारी

भास्कर ब्यूरो
कानपुर। नौकरी की उम्मीद में दादा पर भरोसा करना सबसे बड़ी भूल थी। ‘कोलकाता के दादा’ ने उसे कानपुर के रोहित के पास भेजा तो देह के धंधे में धकेल दिया गया। जिंदा रहने के हिसाब से रोटी मिलती थी और जिस्म के भूखे लोगों के सामने होटलों के कमरे में कैद कर दिया जाता था। रोजाना नर्क झेलना मजबूरी थी, बाहर निकलना मुश्किल था। मौका पाकर कैद से भागी तो सीधे पुलिस कमिश्नर तक पहुंच गई। शिकायत गंभीर थी, लिहाजा तेज-तर्रार आईपीएस अफसरों को कमान सौंपी गई। देह के धंधे का सरगना रोहित कब्जे में आया तो बदनाम धंधे में शामिल होटलों और मैनेजरों के नाम सामने थे। आनन-फानन में छापेमारी शुरू हुई, जोकि देर रात तक जारी थी। बदनाम डायरी में दर्ज 20 होटलों के दस्तावेज कब्जे में लेकर सवाल-जवाब जारी हैं, जबकि शहर के अन्य हिस्सों में काले इतिहास वाले होटलों को खंगालने में खाकी वर्दी जुटी है।

अकेले बाहर निकलने की इजाजत नहीं
पुलिस के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की युवती को मुफलिसी के हालात में अच्छी नौकरी की जरूरत थी, ऐसे में वह ‘कोलकाता के दादा’ नाम से पहचान रखने वाले व्यक्ति के संपर्क में आई, जिसने उसे बहला-फुसलाकर कानपुर के रोहित वर्मा के पास भेज दिया। रोहित ने कुछ दिन नौकरी का झांसा दिया, फिर उसे बंधक बनाकर जबरन देह व्यापार में धकेल दिया। आरोप है कि, रोहित ने युवती को बंधक बनाने के बाद विभिन्न होटलों में ग्राहकों के सामने परोसा था। युवती को अकेले बाहर निकलने की इजाजत नहीं थी। होटल में ग्राहक के वापस जाने के बाद मैनेजर की सूचना पर रोहित उसे वापस लेने पहुंचता था। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में इस रैकेट के तार अन्य राज्यों से जुड़े होने की संभावना सामने आई है। जांच में सामने आ रहा है कि यह गिरोह संगठित तरीके से काम करता था और कई शहरों में नेटवर्क सक्रिय है। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल और अन्य दस्तावेजों के आधार पर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है, ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।

मौका मिलते ही पुलिस की शरण में
बीते दिवस किसी तरह एक होटल में ग्राहक को चकमा देकर युवती बाहर निकल आई और सीधे पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचकर आपबीती सुनाई तो पुलिस अफसर भी चौंक गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देश पर एडीसीपी-क्राइम सुमित सुधाकर रामटेके, एडीसीपी-लाइन शिवा सिंह और ट्रेनी आईपीएस सुमेध एम जाधव के नेतृत्व में टीमों को मुस्तैद कर दिया गया। शुक्रवार को पुलिस टीम ने इंदिरा नगर से रोहित वर्मा को हिरासत में लिया तो वह खुद को निर्दोष बताने की कोशिश में जुट गया। तमाम साक्ष्य सामने रखे गए तो रोहित ने सच कबूल करना शुरू कर दिया। इसके बाद ‘कोलकाता के दादा’ की गिरफ्तारी के लिए एक टीम को पश्चिम बंगाल रवाना किया गया है।

बदनाम डायरी में 20 होटलों के नाम
पुलिस को रोहित के कब्जे से एक न्यूज पोर्टल का आईडी कार्ड और मोबाइल नंबरों की डायरी मिली है। डायरी के आधार पर कल्याणपुर समेत कई स्थानों पर छापेमारी की गई, जहां कुछ अनियमितताएं सामने आईं। पुलिस ने संबंधित होटलों के बुकिंग रजिस्टर और अन्य दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। एडीसीपी-लाइन शिवा सिंह ने बताया कि, अभी तक लगभग 20 होटलों के नाम सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है। संबंधित होटल संचालकों को पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। साथ ही अन्य पीड़िताओं और संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपी रोहित वर्मा को शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment