यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: योगी सरकार ने 24 प्रस्तावों पर लगाई मुहर; 1725 नई ई-बसों की सौगात, मक्के का MSP बढ़ा और सरकारी वकीलों की फीस में बंपर बढ़ोतरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में मंगलवार को कई बड़े और ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लग गई है। इस बैठक में जेल, परिवहन, कृषि, ऊर्जा और विधि विभाग से जुड़े कुल 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक खत्म होने के बाद वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और जेल मंत्री दारा सिंह चौहान ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन फैसलों की विस्तृत जानकारी दी। सरकार ने एक तरफ जहां किसानों को तोहफा देते हुए मक्के का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ा दिया है, वहीं दूसरी तरफ सूबे के सरकारी वकीलों के मानदेय में भी जबरदस्त इजाफा किया है। इसके अलावा प्रदेश के शहरी यात्रियों को राहत देते हुए 1725 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने का बड़ा ऐलान किया गया है।

17 नगर निगमों और नोएडा में दौड़ेंगी 1725 नई इलेक्ट्रिक बसें

परिवहन और ऊर्जा विभाग के सबसे बड़े संयुक्त प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कैबिनेट ने प्रदेश के 18 प्रमुख शहरों (17 नगर निगम क्षेत्रों और नोएडा) में ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल पर 1725 नई वातानुकूलित (AC) इलेक्ट्रिक सिटी बसें चलाने का फैसला किया है। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि इस परियोजना पर कुल 1852 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन नई बसों के रूट में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को भी शामिल किया गया है, जिससे एनसीआर के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। बसों के सुचारू संचालन के लिए 16 नगर निगमों में स्पेशल परपज व्हीकल (SPV) यानी विशेष प्रयोजन कंपनियों का गठन किया जाएगा। वर्तमान में चल रही 745 पुरानी बसें भी सड़क पर बनी रहेंगी, जबकि 500 अतिरिक्त बसें तुरंत बेड़े में शामिल की जा रही हैं। इस योजना से सूबे में करीब 10,500 प्रत्यक्ष और 35,000 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

सरकारी वकीलों की बल्ले-बल्ले, मानदेय और भत्तों में भारी इजाफा

योगी सरकार ने राज्य विधि अधिकारियों (सरकारी वकीलों) को बड़ा वित्तीय तोहफा दिया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि जिला शासकीय अधिवक्ता (DGC) को अब 14 हजार रुपये प्रति माह रिटेनर फीस के साथ 2500 रुपये प्रति कार्य दिवस बहस फीस मिलेगी। इसी तरह, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (ADGC) को 11 हजार रुपये रिटेनर और 2300 रुपये बहस फीस दी जाएगी। इसके अलावा सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता का मानदेय 10 हजार रुपये और उप जिला शासकीय अधिवक्ता का 9 हजार रुपये तय किया गया है। विशेष वकीलों और नामिका वकीलों को भी 2300 रुपये प्रति कार्य दिवस मिलेंगे।

शीर्ष स्तर पर बदलाव करते हुए महाधिवक्ता (Advocate General) की रिटेनर फीस 1.25 लाख रुपये प्रति माह और बहस फीस 60 हजार रुपये प्रति कार्य दिवस कर दी गई है। अपर महाधिवक्ता को 50 हजार रुपये रिटेनर और 40 हजार रुपये बहस फीस मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट में तैनात यूपी के अपर महाधिवक्ता को भी 50 हजार रुपये रिटेनर के साथ 50 हजार रुपये बहस फीस दी जाएगी। मुख्य स्थायी अधिवक्ता को 35 हजार रुपये और अन्य अपर शासकीय अधिवक्ताओं को 20 हजार रुपये प्रति माह रिटेनर फीस मिलेगी।

जेलों का बोझ होगा कम, यूपी में बनेंगी 5 नई जिला जेलें

जेल विभाग के अंतर्गत आए छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाते हुए सरकार ने प्रदेश में पांच नई जेलें बनाने का निर्णय लिया है। जेल मंत्री दारा सिंह चौहान ने बताया कि ये नई कारागार मुरादाबाद, ललितपुर, औरैया, कानपुर और भदोही में स्थापित की जाएंगी। वर्तमान में उत्तर प्रदेश की जेलों में करीब 86 हजार बंदी हैं, और नई जेलों के निर्माण से कैदियों के ओवरक्राउडिंग का दबाव काफी कम होगा। इसके साथ ही, मानवाधिकार आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए कैबिनेट ने जेल में कैदियों की मौत पर मुआवजे की नीति तय कर दी है। अब यदि जेल के भीतर किसी बंदी की मौत आपसी झगड़े या कर्मचारियों की लापरवाही से होती है, तो उसके परिवार को 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, आत्महत्या के मामलों में मृतक के परिजनों को 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

किसानों को बड़ी राहत: मक्के का समर्थन मूल्य 175 रुपये बढ़ा, 48 घंटे में भुगतान

कृषि और नागरिक आपूर्ति विभाग के फैसले की जानकारी देते हुए बताया गया कि किसानों के लाभ के लिए मक्के का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 175 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा दिया गया है। अब सरकार किसानों से 2400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मक्का खरीदेगी, जो पहले 2225 रुपये थी। नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि मक्के की सरकारी खरीद 15 जून से शुरू होकर 31 जुलाई 2026 तक चलेगी। इसके लिए पूरे प्रदेश में 150 विशेष क्रय केंद्र खोले जा रहे हैं और इस सीजन में 25 हजार मीट्रिक टन मक्का खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को फसल बेचने के महज 48 घंटे के भीतर उनका भुगतान सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में कर दिया जाएगा।

जिला पंचायत से पास नक्शों का होगा रेगुलराइजेशन, अवैध निर्माणों को राहत

भवन स्वामियों और रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट ने नीतिगत फैसला लिया है। 31 मार्च 2026 तक जिला पंचायत और विकास प्राधिकरण (Development Authority) क्षेत्रों में जिला पंचायत द्वारा पास किए गए सभी नक्शों को संबंधित विकास प्राधिकरण अब पूरी तरह रेगुलर (नियमित) कर देगा। इस ऐतिहासिक फैसले से प्रदेश के लाखों मकानों और व्यावसायिक निर्माणों को कानूनी वैधता मिल जाएगी और अवैध निर्माण के नाम पर होने वाली सीलिंग व अन्य प्रशासनिक कार्रवाइयों से जनता को मुक्ति मिलेगी। इसके साथ ही, रजिस्ट्री और राजस्व संबंधी कार्यों को आसान बनाने के लिए लखनऊ के मोहनलालगंज में 953 वर्ग मीटर क्षेत्र में 90 साल की लीज पर एक नया उपनिबंधक (Sub-Registrar) कार्यालय खोलने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।

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